
स्थान : उत्तरकाशी

ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तरकाशी में बडेथी शिव परिवार होटल में रविवार को विभिन्न प्रदेशों से आए टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसियों के मालिकों का होटल व्यवसायियों ने फूल माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर आगंतुकों को उत्तरकाशी के प्रमुख पर्यटन स्थलों और तीर्थस्थलों के बारे में भी जानकारी दी गई।



होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्वागत समारोह में टूर एंड ट्रैवल्स के मालिकों का फूल माला पहनाकर अभिवादन किया और उत्तरकाशी को चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का मुख्य पड़ाव उत्तरकाशी में होने के कारण यह जिला तीर्थाटन के लिए विशेष महत्व रखता है।

होटल व्यवसायियों ने कहा कि उत्तरकाशी में पर्यटन और तीर्थाटन के अपार अवसर हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर तीर्थाटन के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही हैं। उत्तरकाशी अध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है और जिले की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही निर्भर करती है।

इस अवसर पर हर्षिल घाटी का विशेष जिक्र किया गया, जिसे शीतकालीन यात्रा के दौरान पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण स्थल बताया गया। यहाँ की ताजी हवा, शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता आगंतुकों को सुखद अनुभव प्रदान करती है।

हर्षिल घाटी और गंगोत्री धाम के आसपास कई विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं, जिनमें गरतांग गली, दयारा बुग्याल, लवकुश कल्याण ट्रैक, नेलांग, जादुंग, चौरंगी, नचिकेता ताल और हरुन्टा बुग्याल शामिल हैं। ये स्थल पर्यटकों के लिए साहसिक और आध्यात्मिक अनुभव दोनों प्रदान करते हैं।


विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान ने टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसियों के मालिकों का स्वागत किया और उत्तरकाशी के भौगोलिक वातावरण, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन संभावनाओं के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

आगंतुकों ने उत्तरकाशी की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों की महत्ता के बारे में जानकारी सुनकर तालियों के साथ अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जिले के पर्यटन संभावनाओं की सराहना की और स्थानीय व्यवसायियों की मेहमाननवाज़ी को बेहद सकारात्मक बताया।
होटल व्यवसायियों और प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के स्वागत समारोह पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उत्तरकाशी के पर्यटन स्थलों और तीर्थस्थलों को देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

