खेतीखान में 27वें दीप महोत्सव का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा और छोलिया नृत्य ने बिखेरे संस्कृति के रंग

खेतीखान में 27वें दीप महोत्सव का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा और छोलिया नृत्य ने बिखेरे संस्कृति के रंग

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के चंपावत जिले के खेतीखान में 27वें दीप महोत्सव खेतीखान-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव अध्यक्ष विजय फर्त्याल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने रिबन काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शुभारंभ के अवसर पर सैकड़ों स्कूली बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक कलश यात्रा, आकर्षक झांकियों और छोलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे क्षेत्र को उत्तराखंड की लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।

खेतीखान में आयोजित इस ऐतिहासिक दीप महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों और दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए समिति के पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराएं प्रदेश की अनमोल धरोहर हैं। इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दीप महोत्सव जैसे आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत बनाते हैं। उन्होंने महोत्सव समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजन में शामिल सभी लोगों को बधाई दी।

महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर सैकड़ों स्कूली बच्चों और स्थानीय महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा एवं सांस्कृतिक झांकियां निकाली गईं। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा खेतीखान बाजार से होते हुए महोत्सव स्थल तक पहुंची। इस दौरान मार्ग में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। आकर्षक झांकियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम में पिथौरागढ़ से पहुंचे छोलिया नर्तकों की शानदार प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर कलाकारों ने छोलिया नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया। तलवार और ढाल के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले इस पारंपरिक लोकनृत्य ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों की प्रस्तुति ने कुमाऊं की लोक संस्कृति और वीरता से जुड़ी परंपराओं को जीवंत कर दिया।

महोत्सव समिति के अध्यक्ष विजय फर्त्याल ने बताया कि दीप महोत्सव के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न खेलकूद, सांस्कृतिक और शैक्षिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को आगे लाना और उन्हें अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।

विजय फर्त्याल ने बताया कि महोत्सव के दौरान रात्रि में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोक कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में उत्तराखंड के पारंपरिक लोकगीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महोत्सव समिति द्वारा आयोजन को यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।

दीप महोत्सव में मनोरंजन और खरीदारी के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। महोत्सव स्थल पर बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए झूले और चरखे लगाए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आए व्यापारियों ने साज-सामान और अन्य वस्तुओं की दुकानें सजाई हैं। मेले में खरीदारी और मनोरंजन की सुविधाएं होने से स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले दर्शकों को भी आकर्षित करने की उम्मीद है।

महोत्सव समिति के अध्यक्ष विजय फर्त्याल ने बताया कि खेतीखान का दीप महोत्सव चंपावत जिले के सबसे पुराने महोत्सवों में शामिल है। उन्होंने इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकजुटता का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया। महोत्सव के आयोजन को लेकर खेतीखान बाजार को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। बाजार और कार्यक्रम स्थल पर की गई सजावट से पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण बना हुआ है।

महोत्सव के शुभारंभ पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाएं, स्कूली बच्चे और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पारंपरिक कलश यात्रा और छोलिया नृत्य की प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष बना दिया। दीप महोत्सव के माध्यम से स्थानीय कलाकारों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा तथा उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर भी मिल रहा है। क्षेत्रवासियों ने आयोजन को लेकर उत्साह व्यक्त किया है।

फिलहाल चंपावत जिले के खेतीखान में 27वें दीप महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो चुका है। आने वाले दिनों में खेलकूद, शैक्षिक प्रतियोगिताओं और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से महोत्सव में और रौनक देखने को मिलेगी। लोक संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का संदेश देने वाला यह आयोजन क्षेत्र में उत्साह और आपसी भाईचारे का महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है।