
स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच हरिद्वार जिले की खानपुर और लक्सर विधानसभा सीटों को लेकर पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट कर दी है। चैंपियन ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी रानी देवयानी खानपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी, जबकि वह स्वयं लक्सर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी से टिकट की दावेदारी करने की बात कही है।
दरअसल, लक्सर में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने मीडिया से बातचीत के दौरान वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपने राजनीतिक इरादे जाहिर किए। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी रानी देवयानी खानपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं। वहीं, वह स्वयं लक्सर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। उनके इस बयान के बाद दोनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।





पूर्व विधायक चैंपियन ने कहा कि इस बार वह खानपुर और लक्सर दोनों विधानसभा सीटों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें अवसर देता है तो वह पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चुनाव लड़ने का अंतिम फैसला पार्टी के टिकट आवंटन पर निर्भर करेगा। भाजपा की ओर से अभी इन दोनों सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


चैंपियन ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उनकी पत्नी रानी देवयानी ने खानपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने दावा किया कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें मंगलौर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहा था, लेकिन उस समय पैर में चोट होने के कारण उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। अब आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने एक बार फिर अपनी सक्रियता और चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है।

गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में खानपुर सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी उमेश कुमार ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 38,767 वोट मिले थे, जबकि बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी रवींद्र सिंह 31,915 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। भाजपा प्रत्याशी रानी देवयानी को 30,834 वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रही थीं। इस चुनाव में उमेश कुमार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 6,852 मतों से हराया था।
खानपुर विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के चुनाव के बाद से ही पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और वर्तमान विधायक उमेश कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी और सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप के मामले भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में रानी देवयानी की दोबारा दावेदारी ने खानपुर की राजनीतिक गतिविधियों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।




वहीं, लक्सर विधानसभा सीट से खुद चुनाव लड़ने की तैयारी जताकर चैंपियन ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। लक्सर में पहले से ही भाजपा के कई स्थानीय नेताओं की सक्रियता देखने को मिल रही है। ऐसे में चैंपियन की ओर से टिकट की दावेदारी पेश किए जाने से संभावित उम्मीदवारों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व किसे प्रत्याशी बनाएगा, इसका निर्णय टिकट वितरण के समय ही स्पष्ट होगा।

चैंपियन की इस राजनीतिक योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वह खानपुर और लक्सर दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अपने परिवार की चुनावी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं। खानपुर सीट से उनकी पत्नी रानी देवयानी पहले भी भाजपा प्रत्याशी रह चुकी हैं, जबकि लक्सर सीट से वह स्वयं चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं। इससे दोनों क्षेत्रों में उनके समर्थकों के बीच चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हरिद्वार जिले की राजनीतिक गतिविधियों पर सभी प्रमुख दलों की नजरें बनी हुई हैं। विशेष रूप से खानपुर और लक्सर जैसी सीटों पर संभावित प्रत्याशियों की दावेदारी और स्थानीय राजनीतिक समीकरण चर्चा का विषय बने हुए हैं। चैंपियन के इस ऐलान के बाद अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा नेतृत्व खानपुर और लक्सर दोनों सीटों पर उनकी प्रस्तावित दावेदारी को स्वीकार करेगा या पार्टी किसी अन्य रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।
फिलहाल पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बयान ने खानपुर और लक्सर विधानसभा सीटों की राजनीति को चर्चा में ला दिया है। उन्होंने खानपुर से अपनी पत्नी रानी देवयानी और लक्सर से स्वयं चुनाव लड़ने की तैयारी स्पष्ट की है। हालांकि, दोनों सीटों पर भाजपा का टिकट मिलने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा नेतृत्व इन दोनों सीटों पर किसे अपना प्रत्याशी घोषित करता है और चैंपियन की चुनावी दावेदारी को लेकर पार्टी क्या रुख अपनाती है।

