
स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के खटीमा में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित कुमाऊं स्काउट्स बटालियन का 45वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कुमाऊं स्काउट्स से जुड़े पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं और उनके परिवार बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कार्यक्रम में देश सेवा के प्रति समर्पण और सैन्य परंपराओं की गौरवशाली विरासत की झलक देखने को मिली। समारोह के दौरान नौ विशिष्ट जनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

खटीमा में आयोजित इस विशेष समारोह की शुरुआत मां काली के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने सैन्य परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और पूर्व सैनिक परिवारों के सदस्य शामिल हुए। सभी ने आपसी भाईचारे और एकजुटता के साथ स्थापना दिवस समारोह में भागीदारी की।





समारोह के दौरान देशभक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने एक स्वर में कुमाऊं स्काउट्स का गान गाया। इसके बाद ‘भारतीय सेना की जय’ और ‘कुमाऊं रेजीमेंट की जय’ के गगनभेदी नारों से पूरा समारोह स्थल गूंज उठा। देशभक्ति के इन नारों ने उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया और भारतीय सेना के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित किया।


कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वीरांगनाओं और वरिष्ठ पूर्व सैनिकों का सम्मान रहा। संगठन की ओर से कुल नौ विशिष्ट जनों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें सबसे पहले उन वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया, जिनके पति भारतीय सेना में देश सेवा के प्रति समर्पित रहे और अब इस दुनिया में नहीं हैं। समारोह में उनके परिवारों के त्याग, संघर्ष और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

इसके साथ ही कुमाऊं स्काउट्स बटालियन के दो सबसे वरिष्ठ पूर्व सैनिकों को भी विशेष सम्मान से नवाजा गया। संगठन के सदस्यों ने उनके सैन्य जीवन, अनुशासन और देश सेवा में दिए गए योगदान को याद किया। वरिष्ठ पूर्व सैनिकों का सम्मान कार्यक्रम में मौजूद अन्य सैनिक परिवारों के लिए भी प्रेरणादायक रहा। इस अवसर पर सैन्य सेवा के दौरान मिले अनुभवों और पुरानी यादों को भी साझा किया गया।

कुमाऊं स्काउट्स बटालियन ने अपने साढ़े चार दशकों के सफर में भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश की सीमाओं की सुरक्षा, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सैन्य सेवा और अनुशासन के प्रति समर्पण इस बटालियन की पहचान रहे हैं। स्थापना दिवस समारोह के दौरान सैनिकों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को याद किया गया।



इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने कहा कि सेना में बिताया गया समय जीवन की अमूल्य धरोहर होता है। सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी सैनिकों के बीच आपसी भाईचारे और अनुशासन की भावना बनी रहती है। ऐसे आयोजन पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को एक मंच पर लाने के साथ ही उनके बीच सहयोग और आत्मीयता के संबंधों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

समारोह में शामिल पूर्व सैनिकों के परिवारों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। लंबे समय बाद एक-दूसरे से मिले पूर्व सैनिकों ने सैन्य जीवन की पुरानी स्मृतियां ताजा कीं। वहीं, महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी ने आयोजन को पारिवारिक मिलन समारोह का रूप दे दिया। इस दौरान सैनिक परिवारों के बीच आपसी स्नेह, सहयोग और देशभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

वीरांगनाओं को सम्मानित किए जाने के दौरान सैनिक परिवारों के त्याग और समर्पण को विशेष रूप से याद किया गया। देश की रक्षा में सैनिकों की भूमिका के साथ उनके परिवारों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया गया। समारोह में यह संदेश दिया गया कि भारतीय सेना के सैनिकों की सेवा और उनके परिवारों का त्याग समाज के लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय है।
खटीमा में आयोजित कुमाऊं स्काउट्स बटालियन का 45वां स्थापना दिवस समारोह देशभक्ति, सम्मान और गौरव के वातावरण में संपन्न हुआ। नौ विशिष्ट जनों को सम्मानित करने के साथ ही कार्यक्रम ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत किया। यह वार्षिक मिलन समारोह सैनिक जीवन की गौरवशाली यादों को ताजा करने के साथ ही इस संदेश को भी दोहरा गया कि एक सैनिक भले ही सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त हो जाए, लेकिन देश के प्रति उसका समर्पण और सैन्य परिवार से जुड़ाव जीवनभर बना रहता है।

