नारायणबगड़ में धूमधाम से मनाया गया दीपावली मिलन समारोह, तीन दिवसीय होगा उत्तरायणी मेला

नारायणबगड़ में धूमधाम से मनाया गया दीपावली मिलन समारोह, तीन दिवसीय होगा उत्तरायणी मेला

स्थान : नारायणबगड़ (चमोली)
ब्यूरो रिपोर्ट

विकासखंड नारायणबगड़ में मंगलवार को दीपावली मिलन समारोह का आयोजन उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों और विकासखंड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को मिष्ठान एवं दीपक वितरित कर दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।

कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों का स्वागत करते हुए कहा कि दीपावली केवल रोशनी और खुशियों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने के साथ समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं।

ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला ने दीपावली पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे, तब अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका भव्य स्वागत किया था। उसी परंपरा के अनुरूप आज भी पूरे देश में दीपावली का पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

समारोह के दौरान ब्लॉक प्रमुख ने नारायणबगड़ में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध उत्तरायणी मेले को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उत्तरायणी मेला दो दिनों के बजाय तीन दिनों तक आयोजित किया जाएगा। मेले की अवधि बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कलाकारों, लोक गायकों और सांस्कृतिक दलों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अधिक समय एवं अवसर उपलब्ध कराना है।

गणेश चंदोला ने कहा कि पूर्व में उत्तरायणी मेले का आयोजन दो दिनों तक किया जाता था, लेकिन सीमित समय होने के कारण कई प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच पर अपनी प्रस्तुति देने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता था। स्थानीय कलाकारों की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस बार मेले को तीन दिवसीय बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नारायणबगड़ क्षेत्र में अनेक प्रतिभाशाली लोक कलाकार और गायक मौजूद हैं, जिन्हें बड़े मंचों पर अपनी कला प्रदर्शित करने के सीमित अवसर मिलते हैं। ऐसे में उत्तरायणी मेले की अवधि बढ़ाए जाने से स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान मिलने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।

ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला ने अगले वर्ष आयोजित होने वाले दीपावली मिलन समारोह को लेकर भी अपनी योजनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इस कार्यक्रम को और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप में आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें क्षेत्र के लोक कलाकारों और लोक गायकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा, ताकि दीपावली मिलन समारोह सामाजिक एकता के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण मंच बन सके।

समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने दीपावली मिलन जैसे आयोजनों को आपसी सहयोग और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने की दिशा में सराहनीय पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। साथ ही क्षेत्र में विकास कार्यों, जनसमस्याओं के समाधान और बेहतर आपसी समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। आयोजन में उत्सव और आपसी भाईचारे का वातावरण देखने को मिला।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य कोठली वार्ड साक्षी नेगी, प्रधान संघ अध्यक्ष योगेंद्र सिंह खत्री, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह रावत (दीपू), नीरज नेगी, विपिन परिहार, खंड विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह, उर्मिला कंडारी, सुरेंद्र लाल, मोनू सती, सूरज रावत, रग्गी नेगी, देवेंद्र कोहली सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि और विकासखंड के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन दीपावली की शुभकामनाओं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना के साथ किया गया।