देहरादून की नदियों में कूड़ा फेंकने वालों की अब खैर नहीं, नगर निगम लगाएगा भारी जुर्माना

देहरादून की नदियों में कूड़ा फेंकने वालों की अब खैर नहीं, नगर निगम लगाएगा भारी जुर्माना

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

राजधानी देहरादून की नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने और शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम अब सख्त कदम उठाने जा रहा है। नदियों में लगातार बढ़ रहे कूड़े और गंदगी की समस्या को देखते हुए नगर निगम जल्द ही व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू करेगा। इसके तहत नदियों के किनारे बसी बस्तियों में विशेष सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नदियों में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल ने बताया कि शहर की कई नदियों के किनारे घनी आबादी वाली बस्तियां स्थित हैं। इन बस्तियों में गलियां इतनी संकरी हैं कि नगर निगम के बड़े कूड़ा संग्रहण वाहन अंदर तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में कई स्थानों पर घरों से निकलने वाला कचरा सीधे नदियों में फेंक दिया जाता है। इससे नदियों का पानी प्रदूषित होने के साथ आसपास के क्षेत्रों में गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है।

मेयर ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने विशेष योजना तैयार की है। संकरी गलियों और तंग रास्तों वाले क्षेत्रों में कूड़ा उठाने के लिए छोटे आकार के रिक्शे मंगवाए गए हैं। इन रिक्शों के माध्यम से उन इलाकों में भी घर-घर जाकर कचरा एकत्र किया जाएगा, जहां अभी बड़े वाहनों का पहुंचना संभव नहीं है। इससे लोगों को अपने घरों का कचरा निस्तारित करने की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

नगर निगम की इस पहल का मुख्य उद्देश्य नदी किनारे रहने वाले लोगों को नियमित कूड़ा संग्रहण सुविधा से जोड़ना है। छोटे रिक्शों के संचालन से घनी आबादी वाले मोहल्लों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा। साथ ही नदियों में सीधे कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। नगर निगम का प्रयास है कि शहर का कोई भी क्षेत्र नियमित सफाई और कूड़ा संग्रहण व्यवस्था से वंचित न रहे।

मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि नदियों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए केवल नगर निगम के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घरों से निकलने वाला कचरा निर्धारित स्थानों पर या नगर निगम के कूड़ा संग्रहण वाहनों में ही डालें। नदियों, नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें, ताकि शहर के प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से सुरक्षित रखा जा सके।

नगर निगम की ओर से नदी किनारे स्थित बस्तियों में स्वच्छता को लेकर जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों को कूड़े के उचित निस्तारण, स्वच्छता के महत्व और नदियों में कचरा फेंकने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी जाएगी। नगर निगम का मानना है कि नियमित कूड़ा संग्रहण के साथ लोगों की आदतों में बदलाव लाना भी आवश्यक है, जिससे स्वच्छता अभियान का प्रभाव लंबे समय तक बना रहे।

मेयर ने नदियों में कचरा फेंकने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति नदी में कूड़ा डालते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की नदियों को कूड़ा निस्तारण का स्थान नहीं बनने दिया जाएगा।

राजधानी की नदियों में बढ़ता प्रदूषण लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। कई स्थानों पर घरेलू कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट नदी किनारे जमा होने से न केवल जल की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी समस्याएं भी पैदा होती हैं। ऐसे में नगर निगम की नई व्यवस्था से नदी किनारे स्थित बस्तियों में कूड़ा संग्रहण की समस्या का समाधान होने और जलस्रोतों में प्रदूषण कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहर बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है। इसके लिए सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे प्रत्येक घर से नियमित कूड़ा उठाया जा सके और शहर की नदियों में किसी भी प्रकार का कचरा न पहुंचे। नगर निगम की इस पहल से आने वाले समय में राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।