
स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे समय से बनी पार्किंग की समस्या और लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए शासन स्तर पर कवायद तेज कर दी गई है। पर्यटन नगरी में बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए नई पार्किंग विकसित करने और प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की योजना तैयार की जा रही है। नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में छोटे और बड़े वाहनों की पार्किंग के लिए कुल 42 संभावित स्थान चिह्नित किए गए हैं। वहीं सरकारी और निजी पार्किंग योजनाओं को मिलाकर करीब 1500 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।


मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने नगर पालिका क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का सर्वे कर पार्किंग की संभावनाओं को तलाशना शुरू किया है। प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में वाहनों की पार्किंग के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराए जा सकें।





एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि प्रवेश पंत बनाम उत्तराखंड सरकार मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल होने के बाद गृह सचिव की ओर से एक समिति का गठन किया गया था। समिति के साथ आयोजित बैठक में मसूरी की पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान तलाशने और संभावित पार्किंग स्थलों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद प्रशासन ने सरकारी भूमि के साथ निजी भूमि पर भी पार्किंग विकसित करने की संभावनाओं को लेकर कार्रवाई शुरू की।


एसडीएम के अनुसार, निजी भूमि स्वामियों की पार्किंग निर्माण में रुचि जानने के लिए प्रशासन की ओर से विज्ञापन जारी किया गया था। इसके जवाब में कुल छह आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों के आधार पर निजी भूमि पर पार्किंग विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में उपलब्ध भूखंडों का सर्वे कराया गया, जिसमें 42 संभावित स्थान चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर भूमि की उपलब्धता और परिस्थितियों के अनुसार छोटी तथा बड़ी पार्किंग विकसित की जा सकती है।



प्रशासन ने सरकारी भूमि पर पार्किंग विकसित करने के लिए भी योजना तैयार की है। इसके तहत पांच सरकारी पार्किंग स्थलों के प्रस्ताव बनाए गए हैं। सरकारी और निजी पार्किंग की प्रस्तावित व्यवस्थाओं को मिलाकर करीब 1500 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी स्थान को पार्किंग के लिए चिह्नित कर लेने मात्र से निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। इसके लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि मसूरी का बड़ा हिस्सा पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। ऐसे में पार्किंग निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि की प्रकृति और स्थिति के अनुसार विभिन्न विभागों से अनुमति लेनी होगी। यदि कोई प्रस्तावित स्थल वन क्षेत्र, इको-सेंसिटिव जोन या अन्य प्रतिबंधित श्रेणी के अंतर्गत आता है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना आवश्यक होगा। जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से भी अनुमति लेनी पड़ सकती है।




एसडीएम ने बताया कि संभावित पार्किंग स्थलों और उनसे जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं की विस्तृत रिपोर्ट गृह सचिव के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है। विभिन्न विभागों और मंत्रालयों से एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। इस कार्य में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। गृह सचिव ने एमडीडीए के सचिव को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी नामित किया है, ताकि संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।

पार्किंग व्यवस्था के साथ मसूरी के प्रमुख चौराहों और जंक्शनों पर यातायात सुधार की योजना भी तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत किंक्रेग, पिक्चर पैलेस चौक, लाइब्रेरी चौक, जीरो प्वाइंट और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के चौक को शामिल किया गया है। इन स्थानों पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने और यातायात का दबाव कम करने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्रस्तावित हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों से आवश्यक एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि पार्किंग और यातायात सुधार से संबंधित अधिकांश औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। आवश्यक अनुमतियां मिलने के बाद ही संबंधित योजनाओं के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। मसूरी में 42 संभावित पार्किंग स्थलों और प्रमुख चौराहों पर यातायात सुधार की योजना से आने वाले समय में स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल इन योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक स्वीकृतियों और विभागीय प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगा।

