खटीमा में मुख्यमंत्री धामी ने 65 लाख के विकास कार्यों का किया लोकार्पण, सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर

खटीमा में मुख्यमंत्री धामी ने 65 लाख के विकास कार्यों का किया लोकार्पण, सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और सीमांत क्षेत्रों के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने खटीमा के नगला तराई में विद्यालयों से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को भी विकास का पूरा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को अंतिम गांव नहीं, बल्कि देश का पहला गांव बताया है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड सरकार वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों का विकास केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर पैदा करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधम सिंह नगर जिले में नेपाल सीमा से लगे गांवों के साथ-साथ पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सीमांत गांवों में ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना है, जिससे वहां रहने वाले परिवारों और बच्चों को बेहतर सुविधाओं के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर न रहना पड़े।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के नगला तराई स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में मंच निर्माण और विद्यालय परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया। इन दोनों विकास कार्यों पर कुल 65 लाख 7 हजार रुपये की लागत आई है। विद्यालयों में कराए गए इन कार्यों से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके तहत विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक कक्षाओं और विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि आज के बच्चे ही भविष्य में प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यालय में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों से मुलाकात की और उनसे आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में लगाए गए झूलों और खेलकूद से जुड़े उपकरणों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की शारीरिक गतिविधियों और खेलकूद के लिए विकसित की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और शारीरिक विकास भी बच्चों के लिए अत्यंत आवश्यक है। विद्यालयों में बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होने से बच्चों को पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों के विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि वहां के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से सीमांत क्षेत्रों के बच्चे आगे बढ़ेंगे और अपनी प्रतिभा के बल पर अपने गांव, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगला तराई में विद्यालयों के आधुनिकीकरण और विकास कार्यों के लोकार्पण को शिक्षा व्यवस्था की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।