रुड़की में 29 नवंबर को होगी भव्य हाफ मैराथन, विजेताओं को मिलेंगे 5 लाख रुपये के पुरस्कार

रुड़की में 29 नवंबर को होगी भव्य हाफ मैराथन, विजेताओं को मिलेंगे 5 लाख रुपये के पुरस्कार

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के रुड़की शहर में खेल, एकता, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 29 नवंबर 2026 को रुड़की हाफ मैराथन-2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन बंगाल इंजीनियर्स ग्रुप एंड सेंटर (बीईजी एंड सेंटर) रुड़की में सुबह 6 बजे से शुरू होगा। इस प्रतियोगिता में देशभर से आने वाले धावकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन के तहत 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन और 10 किलोमीटर की विजय रन आयोजित की जाएगी, जिसमें सैनिकों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों की भागीदारी रहेगी।

रुड़की हाफ मैराथन-2026 को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार, इस बार प्रतियोगिता को आकर्षक बनाने के लिए पोडियम फिनिशर्स के लिए कुल 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले धावकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इतनी बड़ी पुरस्कार राशि रखे जाने से विभिन्न राज्यों के धावकों और खेल प्रेमियों के बीच प्रतियोगिता को लेकर उत्साह बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

आयोजन में शामिल होने वाले धावकों के लिए दो अलग-अलग दूरी की दौड़ निर्धारित की गई हैं। पहली प्रतियोगिता 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन होगी, जबकि दूसरी प्रतियोगिता 10 किलोमीटर की विजय रन के रूप में आयोजित की जाएगी। दोनों प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। आयोजकों की ओर से जारी रूट मैप के अनुसार, दोनों दौड़ों का मार्ग बंगाल इंजीनियर्स ग्रुप के पवेलियन ग्राउंड से जुड़ा रहेगा। प्रतिभागियों को निर्धारित मार्ग और आयोजन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

21 किलोमीटर की हाफ मैराथन का टर्निंग पॉइंट पिरान कलियर की ओर निर्धारित किया गया है। वहीं 10 किलोमीटर की विजय रन में शामिल होने वाले धावकों के लिए एक्वाडक्ट के पास टर्निंग पॉइंट बनाया गया है। दोनों दौड़ों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को आधिकारिक रूट मैप के अनुसार दौड़ पूरी करनी होगी। आयोजन के दौरान निर्धारित मार्गों पर धावकों की आवाजाही को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

रुड़की हाफ मैराथन का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि भारतीय सेना और आम नागरिकों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत बनाना भी है। आयोजन के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, अनुशासन, समर्पण और बलिदान के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। प्रतियोगिता में सेना के जवानों के साथ आम नागरिक भी हिस्सा ले सकेंगे, जिससे सैनिकों और नागरिकों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ावा मिलेगा।

इस आयोजन का संबंध वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित वीरता और बलिदान की स्मृति से भी है। विजय दिवस की भावना से जुड़े इस कार्यक्रम के माध्यम से देश की रक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। खेल के माध्यम से देशभक्ति और एकता का संदेश देना भी इस प्रतियोगिता की प्रमुख विशेषता रहेगी।

बंगाल इंजीनियर्स ग्रुप एंड सेंटर का रुड़की शहर से ऐतिहासिक संबंध रहा है। इस सैन्य संस्थान की स्थापना वर्ष 1803 में हुई थी, जबकि वर्ष 1853 में इसे रुड़की स्थित वर्तमान स्थल पर स्थानांतरित किया गया था। लंबे समय से भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं से जुड़ा यह संस्थान सैन्य अनुशासन और सेवा भावना का प्रतीक रहा है। ऐसे ऐतिहासिक सैन्य परिसर से जुड़े आयोजन में भाग लेना धावकों के लिए विशेष अनुभव हो सकता है।

रुड़की हाफ मैराथन-2026 में सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को सेना के जवानों के साथ दौड़ने और उनके अनुशासन, उत्साह तथा देशसेवा की भावना को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।

वहीं 29 नवंबर को होने वाली रुड़की हाफ मैराथन-2026 को लेकर खेल प्रेमियों और युवाओं में उत्साह रहने की उम्मीद है। सुबह 6 बजे से शुरू होने वाले इस आयोजन में 21 किलोमीटर हाफ मैराथन और 10 किलोमीटर विजय रन के माध्यम से खेल भावना, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा। पांच लाख रुपये की कुल पुरस्कार राशि और सेना के ऐतिहासिक संस्थान से जुड़ाव के कारण यह प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकती है। आयोजन के जरिए रुड़की में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ सेना और नागरिकों के बीच सहयोग एवं सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।