
स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

तीर्थनगरी ऋषिकेश में सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंशों को सुरक्षित आश्रय और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत रायवाला क्षेत्र में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला गौशाला का निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद शहर की सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गौवंशों को सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। साथ ही शहर में निराश्रित पशुओं के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।


नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान ने इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी देते हुए बताया कि रायवाला क्षेत्र में बहुमंजिला गौशाला बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए भूमि चिह्नित की जा चुकी है और गौशाला को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि गौशाला में निराश्रित गौवंशों को रखने के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी, ताकि उनका बेहतर संरक्षण और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।





महापौर शंभू पासवान ने बताया कि प्रस्तावित गौशाला के निर्माण पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। योजना के पहले चरण के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि मिलने की उम्मीद है, जबकि शेष 20 करोड़ रुपये भी जल्द उपलब्ध होने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि धनराशि उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। नगर निगम का प्रयास है कि योजना को जल्द धरातल पर उतारा जाए, जिससे निराश्रित गौवंशों के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था हो सके।


प्रस्तावित गौशाला की सबसे खास बात इसका बहुमंजिला और हाईटेक स्वरूप होगा। सामान्य गौशालाओं से अलग इस गौशाला में गौवंशों को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक ले जाने के लिए विशेष रैंप और लिफ्ट की व्यवस्था प्रस्तावित है। महापौर के अनुसार, इन सुविधाओं की मदद से गौवंशों को ऊपरी मंजिल तक पहुंचाया जा सकेगा। इस प्रकार सीमित स्थान में बहुमंजिला व्यवस्था विकसित कर अधिक गौवंशों के संरक्षण की योजना तैयार की जा रही है।



महापौर ने बताया कि नगर निगम के पास रायवाला क्षेत्र में गौशाला निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। इसी भूमि पर भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक गौशाला का निर्माण करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि आने वाले समय में निराश्रित गौवंशों की संख्या बढ़ने की स्थिति में भी उनके संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जा सकें।
तीर्थनगरी ऋषिकेश में निराश्रित गौवंशों का सड़कों पर घूमना लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर निराश्रित पशुओं की मौजूदगी के कारण कई बार यातायात प्रभावित होता है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में निराश्रित गौवंशों के लिए स्थायी गौशाला विकसित होने से पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी मदद मिल सकती है।



नगर निगम की इस प्रस्तावित योजना का उद्देश्य केवल निराश्रित गौवंशों को एक स्थान पर रखना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था तैयार करना भी है। बहुमंजिला गौशाला के माध्यम से उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग करने की योजना बनाई गई है। हालांकि गौशाला में गौवंशों के लिए चारा, पानी, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की विस्तृत व्यवस्था निर्माण योजना के अंतिम स्वरूप तथा संबंधित स्वीकृतियों के बाद स्पष्ट होगी।

महापौर शंभू पासवान ने बताया कि नगर निगम निराश्रित गौवंशों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कार्य कर रहा है। रायवाला में प्रस्तावित हाईटेक गौशाला इसी प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि योजना को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि निराश्रित पशुओं के संरक्षण के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा विकसित किया जा सके। इसके निर्माण से ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में गौवंश संरक्षण की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वहीं रायवाला में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित बहुमंजिला गौशाला को लेकर अब नगर निगम की आगे की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हुई हैं। पहले चरण की पांच करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध होने और शेष बजट की व्यवस्था के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा। गौशाला में रैंप और लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं की योजना इसे विशेष बनाती है। यदि यह परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार पूरी होती है, तो तीर्थनगरी ऋषिकेश में निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के साथ सड़कों पर उनकी मौजूदगी से होने वाली परेशानियों को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

