
स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को नगर निगम प्रांगण में आठवें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता और व्यवस्था के नाम पर हो रही कथित धांधली बंद नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।


वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रभारी पर्यावरण पर्यवेक्षक की नियुक्ति में वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम प्रशासन लगातार उन्हें आश्वासन देकर गुमराह कर रहा है।



कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों, उनके आश्रितों और चहेते नायकों को कई वार्डों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इसके बाद संबंधित नायक अपने पसंदीदा कर्मचारियों और परिजनों को काम सौंप रहे हैं।



धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था के बावजूद विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों को उनका सम्मान और अधिकार दिया जाए तथा प्रभारी पर्यावरण पर्यवेक्षक की नियुक्ति में उन्हें प्राथमिकता दी जाए।


कर्मचारियों ने पूर्व से चली आ रही व्यवस्था को तत्काल बंद करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था के नाम पर चल रही कथित अनियमितताओं पर रोक लगाई जाए और व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।
आंदोलनरत पर्यावरण मित्रों ने 28 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय आदेश पत्रांक 1100 को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आदेश जारी होने के बावजूद उसका पालन नहीं किया जा रहा है।



कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकार और सम्मान मिलने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

धरने में विश्वास चौहान, राजेश उर्फ खन्ना, प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार, प्रेम सिंह, अलंकार, लक्की समेत संगठन से जुड़े कई कर्मचारी और पर्यावरण मित्र मौजूद रहे।

