
स्थान : द्वाराहाट
ब्यूरो रिपोर्ट


द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र के चौखुटिया विकासखंड अंतर्गत टेढ़ा गांव में मां नंदा भगवती का बार भरने का धार्मिक अनुष्ठान पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया गया। इस अवसर पर गांव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।


धार्मिक परंपरा के तहत देव डंगरियों को अवतरित किया गया। इसके बाद देव डंगरियों से आगे के धार्मिक अनुष्ठानों की आज्ञा ली गई। ग्रामीणों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ मां नंदा भगवती की पूजा-अर्चना की।



बताया जाता है कि टेढ़ा गांव में यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। गांव के थोकदार कठायत परिवार द्वारा इस धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया जाता रहा है और अब भी परिवार के सदस्य पूरी श्रद्धा के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।



बार भरने के बाद अब प्रत्येक रात कठायत परिवार की ड्योढ़ी पर मां भगवती के पारंपरिक गीत गाए जाएंगे। ग्रामीण झोड़ों के रूप में इन गीतों का गायन करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल होंगे।


धार्मिक कार्यक्रम के अगले चरण में 12 अगस्त को बगड़ी से कदली वृक्ष लाने की परंपरा निभाई जाएगी। ढोल-दमाऊ, मसकबीन, ताशे और ध्वजा-पताकाओं के साथ ग्रामीण और देव डंगरिये विधि-विधान से कदली वृक्ष को गांव तक लाएंगे।

इसी कदली वृक्ष से मां नंदा भगवती की प्रतिमा तैयार की जाएगी। प्रतिमा निर्माण के बाद विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी और इसके साथ ही नंदा महोत्सव के मुख्य धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।



14 अगस्त को जावर मंदिर में मां नंदा भगवती का रात्रि मेला आयोजित किया जाएगा। इस दौरान चार प्रहरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और रातभर धार्मिक अनुष्ठान तथा पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

15 अगस्त को मां नंदा भगवती को भावभीनी विदाई दी जाएगी और प्रतिमा का ताल में विसर्जन किया जाएगा। इस धार्मिक और सांस्कृतिक दृश्य को देखने के लिए हर वर्ष सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु टेढ़ा गांव पहुंचते हैं।

