12 सूत्रीय मांगों को लेकर मिनिस्ट्रियल कार्मिकों का आंदोलन तेज, लोहाघाट में गेट मीटिंग

12 सूत्रीय मांगों को लेकर मिनिस्ट्रियल कार्मिकों का आंदोलन तेज, लोहाघाट में गेट मीटिंग

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले विभिन्न विभागों के मिनिस्ट्रियल कार्मिकों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। उप जिलाधिकारी कार्यालय लोहाघाट के प्रवेश द्वार पर जनपदीय अध्यक्ष विनोद कुमार की अध्यक्षता में गेट मीटिंग आयोजित की गई।

कार्यक्रम का संचालन जनपदीय सचिव जीवन चंद्र ओली ने किया। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द शासनादेश जारी करने की मांग उठाई।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले के मिनिस्ट्रियल कार्मिक 7 सितंबर से आंदोलनरत हैं। आंदोलन के तहत चरणबद्ध तरीके से गेट मीटिंग और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि उनकी लंबित मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा सके।

कार्मिकों की प्रमुख मांगों में कनिष्ठ सहायक पद पर ग्रेड वेतन 2800 रुपये किए जाने की मांग शामिल है। इसके अलावा प्रधान सहायक एवं प्रशासनिक अधिकारी पद से जुड़े लंबित प्रकरणों के समाधान और उपनिदेशक प्रशासनिक पद के सृजन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

गेट मीटिंग में वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह न्यायोचित हैं और संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों की शासन के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। उनका दावा है कि कई मांगों पर सहमति भी बन चुकी है, लेकिन अभी तक संबंधित शासनादेश जारी नहीं किए गए हैं।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार मिनिस्ट्रियल कार्मिकों की समस्याओं और मांगों के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन को आर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

संगठन ने जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों से फेडरेशन द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। पदाधिकारियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

लोहाघाट के अलावा पाटी, बाराकोट, चंपावत, टनकपुर और बनबसा में भी मिनिस्ट्रियल कार्मिकों ने गेट मीटिंग आयोजित कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कार्यक्रमों में संगठन के कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।