
स्थान : अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट


मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के इंटर्न डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इंटर्न डॉक्टरों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।


प्रदर्शन के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने जुलूस भी निकाला और शासन से मानदेय बढ़ाने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि लंबे समय से इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।



इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में उन्हें 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई और कार्य की जिम्मेदारियों को देखते हुए यह राशि काफी कम है।



डॉक्टरों ने मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में इंटर्न डॉक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और वे नियमित रूप से मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं।


कार्य बहिष्कार के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि वे लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे हैं। कई बार इस संबंध में आवाज उठाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती जिम्मेदारियों और कार्यभार के मुकाबले मौजूदा मानदेय पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से अन्य राज्यों में दी जा रही मानदेय व्यवस्था का भी अध्ययन करने की मांग की है।



आंदोलनरत इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने शासन और मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की अपील की है।

इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन के चलते मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल डॉक्टर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और सरकार से शीघ्र समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

