
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


कथित शुद्धीकरण विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश टीम की पहली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुधवार को हल्द्वानी में शुरू हुई। बैठक में मिशन-2027 को मुख्य राजनीतिक एजेंडे के रूप में रखते हुए आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।


प्रदेश कार्यसमिति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, मंत्री और प्रदेश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। पार्टी की ओर से प्रदेशभर के करीब 597 प्रतिनिधियों को बैठक में बुलाया गया है।



भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी को बैठक के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशन में संगठन की आगामी चुनावी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के साथ कार्यकर्ताओं को मिशन-2027 के लिए चुनावी मंत्र दिया जाएगा।



बैठक में विकसित उत्तराखंड के रोडमैप, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को जनता के बीच पहुंचाने पर चर्चा होगी। इसके साथ ही विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे राजनीतिक मुद्दों का जवाब देने की रणनीति भी तैयार की जाएगी।


प्रदेश कार्यसमिति के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। शाम को कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्य की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति पर मंथन किया जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। 10 सितंबर को हल्द्वानी में युवा वर्ग से संवाद का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसके जरिए भाजपा नई पीढ़ी और युवाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश करेगी।




इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सैनिकों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। दोपहर बाद उनका रुद्रपुर पहुंचकर सिख गौरव सम्मेलन में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी अलग-अलग वर्गों से सीधा संवाद बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

प्रदेश कार्यसमिति को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के बड़े राजनीतिक महामंथन के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में पार्टी जहां संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष के हमलों का जवाब देने और प्रदेश में दोबारा सरकार बनाने की रणनीति को भी धार देने में जुटी है।

