
स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा


किसानों से जुड़ी चार सूत्रीय मांगों को लेकर किसान कांग्रेस उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी के नेतृत्व में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम बाजपुर को सौंपा गया।


ज्ञापन में बाजपुर के लंबे समय से लंबित 20 गांव भूमि प्रकरण का समाधान कर किसानों को भूमिधरी अधिकार देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। किसान कांग्रेस ने कहा कि इस मामले के लंबित रहने से बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हो रहे हैं।



किसानों ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी कृषि सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले ट्यूबवेलों का बिजली बिल माफ करने की मांग की। उनका कहना है कि खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए किसानों को बिजली बिल में राहत दी जानी चाहिए।



ज्ञापन में गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 700 रुपये प्रति कुंतल करने की मांग भी की गई। किसान कांग्रेस का कहना है कि चीनी के बढ़ते मूल्य और खेती की लागत के अनुरूप किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिलना चाहिए।


इसके अलावा वर्ग ‘ख’ और वर्ग-4 की भूमि के नियमितीकरण के लिए शासनादेश जारी करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भूमि संबंधी मामलों का जल्द समाधान कर किसानों को राहत दी जानी चाहिए।

किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी और कांग्रेस प्रदेश सचिव गुरजीत सिंह गित्ते ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित सिख सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से भूमि संबंधी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।



कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रुद्रपुर में होने वाले सिख सम्मेलन में मुख्यमंत्री के पहुंचने का कार्यक्रम है और बड़ी संख्या में सिख किसान भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने किसानों से अपनी भूमि और कृषि से जुड़ी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखने की अपील की।

कांग्रेस प्रदेश सचिव गुरजीत सिंह गित्ते ने चेतावनी दी कि यदि बाजपुर के 20 गांव भूमि प्रकरण का जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसान कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

