
स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा


भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक एवं किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने प्रेस वार्ता कर ‘हक हकूक जन जागरण अभियान’ के तहत क्षेत्र की प्रमुख जनसमस्याओं और मांगों को लेकर तैयार पोस्टर जारी किया। अभियान के माध्यम से बाजपुर विधानसभा क्षेत्र के हक, अधिकार और विकास से जुड़े 13 प्रमुख मुद्दों को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने की घोषणा की गई।


जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि ‘जन की आवाज–जन का अधिकार, संगठित समाज, सशक्त किसान और समृद्ध बाजपुर’ अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से भूमि अधिकार, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, किसान हित और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग करती आ रही है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।




अभियान में सबसे प्रमुख मुद्दा बाजपुर के 20 गांवों की 5838 एकड़ भूमि का उठाया गया है। बाजवा ने इस भूमि पर भूमिधरी अधिकार वापस देने, जमीन के विभिन्न वर्गों से जुड़ी जटिलताओं को समाप्त करने और किसानों को मालिकाना हक देने की मांग की। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के भूमि और आवास निर्माण संबंधी अधिकारों की प्रक्रिया सरल करने की मांग भी रखी गई है।


स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अस्पतालों, पशु चिकित्सालयों और स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग की गई है। बाजवा ने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप चिकित्सकों और शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। इसके अलावा जाति, स्थायी निवास और आय प्रमाण पत्र समेत विभिन्न दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया को भी सरल किए जाने की जरूरत है।



जंगल और नदी किनारे बसे गांवों के निवासियों के भूमि अधिकार सुनिश्चित करने के साथ वन एवं खनन क्षेत्र से जुड़ी स्थानीय जनता के लिए उचित व्यवस्था बनाने की मांग अभियान में शामिल है। वन उपज से होने वाली आय में स्थानीय लोगों की भागीदारी तथा जंगल, खनन, जलाशय प्रबंधन और अन्य रोजगारपरक क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई है।
किसानों से जुड़े मुद्दों में खेत की मिट्टी और रेत जैसी सामग्री पर खेत स्वामी का अधिकार सुनिश्चित करने तथा निजी उपयोग के लिए जीवनोपयोगी सामग्री लाने-ले जाने की प्रक्रिया आसान करने की मांग रखी गई है। वहीं जंगली एवं आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं में सामान्य घायल को 25 लाख, गंभीर घायल को 50 लाख और मृत्यु की स्थिति में एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है।




अभियान के पोस्टर में दिव्यांग, वृद्ध और किसानों समेत विभिन्न पात्र वर्गों की पेंशन राशि बढ़ाने और प्रक्रिया सरल करने की मांग भी शामिल है। शहीद संत केसर सिंह स्मृति कोष की राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने तथा जरूरतमंद युवाओं, एसटी-एससी वर्ग और छोटे किसानों के लिए राजा जगदेव स्मृति कोष एवं गोविंद बल्लभ पंत स्मृति कोष स्थापित करने की मांग भी रखी गई है।


बाजवा ने बाजपुर सहकारी चीनी मिल और आसवानी फैक्ट्री का आधुनिकीकरण कर उन्हें सुचारु रूप से संचालित करने तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग की। उन्होंने निजी क्षेत्र के कारखानों में 80 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवक-युवतियों के लिए सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। इसके साथ बाजपुर में बाढ़ और जलभराव का स्थायी समाधान तथा प्राधिकरण के तहत नक्शा पास कराने में आने वाली जटिलताओं को दूर करने की मांग की गई।
जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि यह अभियान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि बाजपुर की जनता के अधिकारों की सामूहिक आवाज है। आने वाले दिनों में अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाकर इन 13 मुद्दों पर व्यापक जनजागरण किया जाएगा। इस मौके पर राजेंद्र सिंह बेदी, दर्शन लाल गोयल, हरदयाल सिंह खैरा, शेर सिंह, दीपक शर्मा, दीनदयाल सिंह, जगदीश सिंह, राजेंद्र सिंह, खेमकरण सैनी और राज किशोर सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

