
स्थान- खटीमा/ऊधम सिंह नगर
रिपोर्टर – अशोक सरकार


बाजपुर में लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अभियंता के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स का गुस्सा फूट पड़ा है। खटीमा में लोक निर्माण विभाग के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने इस घटना के विरोध में मोर्चा खोलते हुए उग्र प्रदर्शन किया। इंजीनियर्स ने घटना को अत्यंत निंदनीय और सरकारी कर्मचारियों के सम्मान पर हमला बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


यह विवादित मामला ६ सितंबर का बताया जा रहा है, जब बाजपुर स्थित लेवड़ा पुल के समीप प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में काशीपुर में तैनात अपर सहायक अभियंता राजीव गौड़ के साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्रता की गई। प्रत्यक्षदर्शियों व पीड़ित पक्ष का आरोप है कि ना सिर्फ उनके साथ हाथापाई की गई, बल्कि उनके चेहरे पर जबरन कीचड़ भी पोता गया। इस अपमानजनक घटना से पूरे विभाग और प्रदेश के डिप्लोमा इंजीनियर्स में भारी आक्रोश व्याप्त है।



घटना के विरोध में खटीमा लोक निर्माण विभाग की खण्ड स्तरीय डिप्लोमा इंजीनियर्स इकाई ने एकजुट होकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इंजीनियर्स ने प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की और उप जिलाधिकारी तुषार सैनी से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि लोकतंत्र और शासन व्यवस्था में सरकारी अधिकारियों के साथ इस तरह का बर्बर व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



विरोध के मुख्य चरण में डिप्लोमा इंजीनियर्स ने खटीमा में पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया, जिससे विभागीय कामकाज ठप हो गया। इंजीनियर्स ने स्पष्ट किया कि जब तक घटना में शामिल नामजद व अज्ञात दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कार्य बहिष्कार के कारण निर्माण व अनुरक्षण संबंधी कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित रहे।


एसडीएम तुषार सैनी को ज्ञापन सौंपते हुए इंजीनियर्स के संघ ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन व प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ही कर्मचारियों के साथ इस तरह की गुंडागर्दी और मारपीट होगी, तो कोई भी अधिकारी क्षेत्र में निर्भीक होकर काम नहीं कर पाएगा। उन्होंने दोषियों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सख्त वकालत की।

ज्ञापन सौंपने और प्रदर्शन के दौरान विभागीय एकजुटता साफ तौर पर दिखाई दी। इस मौके पर सहायक अभियंता प्रेम प्रकाश तिवारी, संतोष कुमार और गिरीश भट्ट ने आंदोलन का नेतृत्व किया। सभी अधिकारियों ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए कहा कि सम्मान से समझौता करके कोई भी कर्मचारी सेवा नहीं दे सकता और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजना बेहद जरूरी है।



विरोध प्रदर्शन में अपर सहायक अभियंता पीयूष शर्मा, ललित बिष्ट, गिरीश लोहनी, आदर्श, ईश्वर जोशी, हरीश कुमार, योगेश और विमल भट्ट समेत कई डिप्लोमा इंजीनियर्स प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि यदि शासन स्तर से इस मामले में जल्द कड़ा रुख नहीं अपनाया गया, तो इस आंदोलन को जिला और प्रदेश स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा।


स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग अब इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गया है। डिप्लोमा इंजीनियर्स के कार्य बहिष्कार से विभागीय योजनाओं पर पड़ रहे असर को देखते हुए अधिकारियों द्वारा मामले को जल्द से जल्द सुलझाने और दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रहे।

