बारिश से उफान पर आया बेलगढ़ नाला, एक घंटे थमे वाहनों के पहिए

बारिश से उफान पर आया बेलगढ़ नाला, एक घंटे थमे वाहनों के पहिए

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

लगातार हो रही बारिश के बाद सोमवार सुबह रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित बेलगढ़ नाला अचानक उफान पर आ गया। नाले में तेज बहाव के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक वाहन चालक और यात्री रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे।

बारिश के चलते नाले में अचानक पानी बढ़ने के बाद वाहन चालकों को सुरक्षा के मद्देनजर दोनों ओर रुकना पड़ा। कुछ ही देर में सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई, जिससे रामनगर और हल्द्वानी के बीच आवाजाही प्रभावित हुई।

करीब एक घंटे बाद नाले का जलस्तर और पानी का बहाव कुछ कम हुआ। इसके बाद वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे शुरू हुई और मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। इस दौरान यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के मौसम में बेलगढ़ नाला हर साल वाहन चालकों और यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर नाले में अचानक पानी बढ़ जाता है और रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर यातायात बाधित हो जाता है।

लोगों का कहना है कि नाले के उफान पर आने के दौरान यहां से वाहन निकालना जोखिम भरा हो सकता है। तेज बहाव के बीच वाहन फंसने अथवा बहने का खतरा बना रहता है, इसलिए पानी बढ़ने पर वाहन चालकों को बहाव कम होने का इंतजार करना पड़ता है।

बेलगढ़ नाले की समस्या लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। बरसात के दौरान बार-बार मार्ग बाधित होने से दैनिक यात्रियों के साथ पर्यटकों और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में नाले के उफान पर आने से लगभग एक जैसी स्थिति बनती है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण बारिश शुरू होते ही मार्ग पर आवागमन को लेकर चिंता बढ़ जाती है।

सोमवार को भी नाले में पानी बढ़ने से करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। हालांकि जलस्तर कम होने के बाद मार्ग पर वाहनों का संचालन दोबारा शुरू हो गया और धीरे-धीरे यातायात सामान्य स्थिति में लौट आया।

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने बेलगढ़ नाले की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर बरसात में मार्ग बाधित होने और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को ठोस योजना बनाकर समस्या का समाधान करना चाहिए।