
स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


जन्माष्टमी की रात हल्द्वानी-काठगोदाम मार्ग पर वाहनों में सवार होकर डंडे लहराने और कथित तौर पर भय एवं अराजकता का माहौल पैदा करने का वीडियो वायरल होने के बाद नैनीताल पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर कुल 15 युवकों की पहचान की, जिनमें आठ बालिग और सात नाबालिग शामिल हैं।


वायरल वीडियो का एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने संज्ञान लेते हुए एएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित सैनी को वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों और वाहनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।



एसएसपी के निर्देश के बाद प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर चौहान के नेतृत्व में चौकी प्रभारी काठगोदाम दिलीप कुमार और पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों का पता लगाने के साथ युवकों की पहचान और तलाश की।


पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान कुल 15 युवकों को चिह्नित कर थाने लाया गया। इनमें आठ युवक बालिग पाए गए, जबकि सात नाबालिग थे। बालिग युवकों के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना जमा कराया गया है।


पुलिस की कार्रवाई में दीप गोगोई, पारस सिंह, करन कुमार, हरि किशोर, कृष्णा सिंह, नितिन, मुकेश शर्मा और कमलेश सम्मल शामिल हैं। सभी की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस ने वायरल वीडियो में इस्तेमाल किए गए वाहनों को भी सीज कर दिया है।
वहीं सात नाबालिगों के मामले में पुलिस ने उनके परिजनों को थाने बुलाया। पुलिस के अनुसार नाबालिगों की काउंसलिंग की गई और उनके परिजनों के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना जमा कराया गया।



पुलिस ने सभी युवकों और नाबालिगों के परिजनों को भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर ऐसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है, जिनसे आम लोगों में भय पैदा हो या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।

एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अराजकता और सार्वजनिक स्थान पर भय का माहौल पैदा करने वाले कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले इस तरह के मामलों की भी गंभीरता से जांच की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से सड़क पर अनुशासन बनाए रखने और ऐसी गतिविधियों से बचने की अपील की है, जिससे स्वयं या दूसरे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़े।

