
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड के हरिद्वार में कोतवाली नगर पुलिस को गश्त के दौरान एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को दो अवैध पिस्टल और 10 जिंदा कारतूसों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने मैगजीन, मोबाइल फोन, नकद राशि और पहचान पत्र भी जब्त किए हैं।


घटना छह सितंबर की है, जब कोतवाली नगर पुलिस की टीम सप्तऋषि चौकी क्षेत्र में नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही थी। इसी दौरान आरटीओ तिराहे से दुधियाबंधा मार्ग होते हुए भूमानंद घाट और चित्रकूट घाट की ओर बढ़ रही पुलिस टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। उक्त व्यक्ति अपनी पीठ पर एक बड़ा बैग लटकाए हुए चला आ रहा था।



पुलिस टीम को सामने देखकर आरोपी अचानक घबरा गया और पीछे मुड़कर तेज कदमों से भागने का प्रयास करने लगा। उसकी इस संदिग्ध गतिविधि को देखकर पुलिस कर्मियों को तुरंत शक हुआ। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और कुछ ही दूरी पर आरोपी को दौड़ाकर सफलतापूर्वक पकड़ लिया।



आरोपी को हिरासत में लेने के बाद जब पुलिस ने उसके पास मौजूद नीले रंग के सफारी बैग की तलाशी ली, तो उसमें से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। बैग से 32 बोर की दो अवैध पिस्टल और दो मैगजीन मिलीं। पुलिस ने जब मैगजीन की जांच की, तो उनके अंदर से कुल 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।


तलाशी की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक वनप्लस मोबाइल फोन, एक पर्स, पहचान पत्र [Aadhaar Redacted] तथा 6,700 रुपये की नकद राशि भी बरामद की। पुलिस ने सभी सामान और हथियारों को अपने कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ कानून के तहत जब्ती की कार्रवाई पूरी की।

पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी की पहचान मनोज कुमार (उम्र 45 वर्ष), पुत्र महावीर सिंह, निवासी ग्राम बुडीना कला, थाना तितावी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी को कोतवाली लाकर आगे की कानूनी प्रक्रियाओं और पूछताछ को अंजाम दिया गया।



गहन पूछताछ के दौरान आरोपी मनोज कुमार ने पुलिस को अपने पास हथियार रखने का कारण बताया। उसने खुलासा किया कि वर्ष 2010 में उसके बड़े भाई हरेंद्र उर्फ गुड्डू की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ समय बाद उक्त हत्याकांड के एक मुख्य गवाह की भी हत्या कर दी गई थी, जिससे उसके परिवार में भारी दहशत का माहौल था।

आरोपी ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि भाई और गवाह की हत्या के बाद से ही उसे अपनी जान का खतरा सता रहा था। इसी डर और सुरक्षा के चलते उसने अपने पास पिस्टल रखी हुई थीं। हालांकि, अवैध हथियार रखने के जुर्म में कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आयुध अधिनियम (आर्म्स एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।

