वाल्मीकी समाज ने किया कोतवाली का घेराव, फर्जी जाति बताकर शिकायत दर्ज कराने वाले पर कार्रवाई की मांग

वाल्मीकी समाज ने किया कोतवाली का घेराव, फर्जी जाति बताकर शिकायत दर्ज कराने वाले पर कार्रवाई की मांग

स्थान : हल्द्वानी, नैनीताल
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद उत्पन्न विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है। इस विवाद के बीच एक युवक द्वारा स्वयं को वाल्मीकी समाज का बताकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पर वाल्मीकी समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। समाज के आक्रोशित लोगों ने कोतवाली पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन का घेराव करते हुए संबंधित युवक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

मामले की जानकारी देते हुए वाल्मीकी समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले दिनों रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस सभा के बाद उपजे विवाद के संबंध में जवाहर नगर कॉलोनी निवासी अमित कुमार (पुत्र त्रिलोक सिंह) ने नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और शिकायत संख्या 0296 के माध्यम से यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता ने स्वयं को अनुसूचित जाति की उपजाति ‘वाल्मीकी’ समाज का हिस्सा बताया है।

कोतवाली में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे चौधरी अमरदीप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब समाज के स्तर पर इस बात की जांच की गई, तो पता चला कि शिकायतकर्ता अमित कुमार का वाल्मीकी समाज से कोई संबंध ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक ने राजनीतिक या निजी स्वार्थों के चलते खुद को फर्जी तरीके से वाल्मीकी समाज का सदस्य दर्शाया है, ताकि एक सोची-समझी साजिश के तहत पूरे समाज को विवाद में घसीटा जा सके।

देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार के निवास स्थान पर इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर वाल्मीकी समाज की एक आपात बैठक आहूत की गई थी। बैठक में समाज के प्रबुद्ध और गणमान्य लोगों ने एक स्वर में स्पष्ट किया कि एफआईआर/शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति का वाल्मीकी समाज से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। समाज द्वारा पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इस बात का खंडन जारी किया जा चुका है।

प्रदर्शन के दौरान वाल्मीकी समाज के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को फर्जी पहचान का सहारा लेकर समाज की छवि को धूमिल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में इस तरह के षड्यंत्रों के जरिए समाज को बदनाम करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसे वाल्मीकी समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ज्ञापन देकर मांग की है कि जिस व्यक्ति ने गलत जानकारी देकर और समाज का नाम इस्तेमाल करके शिकायत दर्ज कराई है, उसके खिलाफ धोखाधड़ी और समाज में वैमनस्य फैलाने की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए।

कोतवाली में घेराव और प्रदर्शन के दौरान वाल्मीकी समाज के कई प्रमुख चौधरी व गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से चौधरी अमरदीप, चौधरी सुरेश लाल, चौधरी दिनेश, विजय पाल, चौधरी सुनील, राहुल पुजारी, पंतनगर से पहुंचे मनोहर वाल्मीकी, मुकेश, विश्वास चौहान, नीरज नैथानी, राजेश खन्ना, विजय, अर्जुन, सिद्धार्थ चौहान, अरुण, अलंकार, जयपाल, जगदीश, मंजीत, कपिल, कैलाश, श्याम, रजत और चमन शामिल रहे।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की बात को गंभीरता से सुना और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दी गई तहरीर और आरोपों की जांच की जा रही है, जिसके आधार पर अग्रिम कानूनी कदम उठाए जाएंगे।