
स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा


भाजपा की ओर से स्थानीय धर्मशाला में ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ आयोजित किया गया। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक यशपाल राजहंस की अगुवाई में हुए धरने में पार्टी के कई नेताओं ने हिस्सा लिया और कांग्रेस पर दलित समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।


कार्यक्रम का संचालन यशपाल राजहंस ने किया। सभा को पुष्कर काला, दीपक बाली, दर्जा राज्यमंत्री मंजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मोहनपाल, गुंजन सुखीजा और गौरव शर्मा समेत भाजपा के कई नेताओं ने संबोधित किया।




वक्ताओं ने कांग्रेस पर डॉ. भीमराव आंबेडकर और दलित समाज के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के इतिहास और वर्तमान राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी दलित समाज से जुड़े मुद्दों पर केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।


धरने में हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़े कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर पैदा हुए विवाद पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करने का प्रयास किया।



भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस इस प्रकरण को आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक मुद्दा बना रही है। उनका दावा था कि सामाजिक सौहार्द से जुड़े विषय पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने की दिशा में काम करना चाहिए।
हालांकि धरने में भाजपा के कई पदाधिकारी और नेता पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ताओं और आम लोगों की मौजूदगी अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिखाई दी। कार्यक्रम में सीमित संख्या में लोगों की उपस्थिति ने स्थानीय स्तर पर पार्टी की तैयारियों और संगठन की सक्रियता को लेकर भी चर्चा को जन्म दिया।




विशेष रूप से दलित समाज से जुड़े मुद्दे पर आयोजित इस धरने में भाजपा के कुछ प्रमुख दलित चेहरों की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच इसे लेकर सवाल उठते रहे कि महत्वपूर्ण मुद्दे पर आयोजित कार्यक्रम से प्रमुख चेहरे दूर क्यों रहे।

एक ओर मंच से भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को दलित विरोधी बताते हुए तीखे राजनीतिक प्रहार किए, वहीं दूसरी ओर धरनास्थल पर अपेक्षाकृत कम भीड़ ने कार्यक्रम के राजनीतिक संदेश को लेकर अलग चर्चा खड़ी कर दी। हालांकि आयोजकों की ओर से अनुपस्थित नेताओं अथवा कम उपस्थिति के कारणों पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
कुल मिलाकर ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ के जरिए भाजपा ने हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण विवाद और दलित राजनीति को लेकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की। वहीं बाजपुर में कार्यक्रम की उपस्थिति और कुछ प्रमुख दलित नेताओं की गैरमौजूदगी ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में नए सवाल भी खड़े कर दिए।

