हरिद्वार में पुलिस की बड़ी कामयाबी, दो पिस्टल व जिंदा कारतूस के साथ संदिग्ध गिरफ्तार, टली गैंगवार की साजिश

हरिद्वार में पुलिस की बड़ी कामयाबी, दो पिस्टल व जिंदा कारतूस के साथ संदिग्ध गिरफ्तार, टली गैंगवार की साजिश

स्थान : हरिद्वार
रिपोर्ट:- धर्मराज

हरिद्वार में पुलिस की सतर्कता और मुस्तैदी के चलते एक संभावित गैंगवार और बड़ी आपराधिक वारदात टल गई। पुलिस कप्तान नवनीत सिंह के सख्त निर्देशों पर जिलेभर में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान कोतवाली नगर पुलिस को यह अहम सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने चित्रकूट घाट के पास एक बेहद संदिग्ध व्यक्ति को दबोचा, जिसके पास से भारी मात्रा में अवैध असलहा और कारतूस बरामद किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 सितंबर को कोतवाली नगर पुलिस की एक विशेष टीम सप्तऋषि और चित्रकूट घाट क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से गश्त पर थी। गश्त के दौरान भूमानंद घाट और चित्रकूट घाट के पास पुलिस टीम को एक व्यक्ति पीठ पर बैग लटकाए संदिग्ध अवस्था में आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस बल को देखकर आरोपी घबरा गया और उलटे कदमों से भागने का प्रयास करने लगा, जिस पर पुलिस ने तुरंत सतर्कता दिखाई।

संदिग्ध की अजीबो-गरीब गतिविधि और भागने की कोशिश को देखते हुए गश्ती टीम ने त्वरित घेराबंदी की और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। पुलिस कर्मियों ने जब आरोपी को रोककर उसके पास मौजूद नीले रंग के पीठू बैग की बारीकी से तलाशी ली, तो उसमें से अवैध हथियारों का जखीरा देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई। तलाशी के दौरान बैग से 32 बोर की दो अवैध पिस्टल और दो मैगजीन बरामद की गईं।

हथियारों के साथ-साथ पुलिस को मैगजीन के अंदर से 10 जिंदा कारतूस भी मिले। इसके अलावा आरोपी के बैग से एक मोबाइल फोन, पर्स, आधार कार्ड और 6,700 रुपये नकद भी जब्त किए गए। पुलिस ने मौके पर ही सभी अवैध हथियारों और कारतूसों को सील कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और कोतवाली नगर लाकर आगे की वैधानिक व गहन पूछताछ शुरू की।

पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान मनोज कुमार (45 वर्ष), पुत्र महावीर सिंह, निवासी ग्राम बुडीना कला, थाना तितावी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासा किया, उससे स्पष्ट हो गया कि वह किसी साधारण इरादे से नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या की वारदात को अंजाम देने के मकसद से हरिद्वार में घूम रहा था।

आरोपी मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2010 में उसके बड़े भाई हरेंद्र उर्फ गुड्डू की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में शामिल आरोपी जेल चले गए थे और बाद में मामले के एक प्रमुख गवाह की भी हत्या हो गई थी। आरोपी तभी से अपने भाई के हत्यारों से बदला लेने की फिराक में सही मौके का इंतजार कर रहा था, ताकि अपने भाई की मौत का हिसाब बराबर कर सके।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि अप्रैल 2026 में आरोपी मनोज हरिद्वार आया था और उसने यहां एक आश्रम को लीज पर लेकर उसे होटल के रूप में संचालित करना शुरू कर दिया था। इसी दौरान उसे जानकारी मिली कि उसके भाई की हत्या में शामिल आरोपी जेल से बाहर आ चुके हैं। इसके बाद उसने अपनी सुरक्षा और बदला लेने के उद्देश्य से अवैध पिस्टल और कारतूसों का इंतजाम किया और वारदात की तैयारी में जुट गया।

कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ आर्म्स एक्ट (आयुध अधिनियम) की संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब आरोपी के आपराधिक इतिहास का ब्योरा खंगाल रहा है और यह पता लगाने में जुटा है कि उसने ये अवैध हथियार कहां से और किस तस्कर से खरीदे थे। आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।