
स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


पंजाबी समाज के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने विरोध जताया है। महासभा के नगर अध्यक्ष जितिन ग्रोवर के नेतृत्व में पदाधिकारियों और सदस्यों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर मामले का संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई की मांग की।


ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि आकांक्षा नेगी द्वारा पंजाबी समाज के लोगों को कथित रूप से ‘पाकिस्तानी’ कहे जाने से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। महासभा ने कहा कि किसी भी समाज या समुदाय की पहचान को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।




महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाबी समाज देश की मिट्टी से गहराई से जुड़ा हुआ है और देश की एकता, अखंडता तथा विकास में समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में पूरे समाज को लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।



नगर अध्यक्ष जितिन ग्रोवर ने कहा कि देश के विभाजन का दर्द सहने के बावजूद पंजाबी समाज ने अपने परिश्रम, साहस और राष्ट्रभक्ति के बल पर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज के किसी व्यक्ति को ‘पाकिस्तानी’ कहे जाने जैसी टिप्पणी समाज की भावनाओं को आहत करती है।


उन्होंने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ वैमनस्य पैदा करना नहीं है। संगठन चाहता है कि समाज के सभी वर्गों का सम्मान बना रहे और आपसी भाईचारे तथा सामाजिक सौहार्द को किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचे।

जितिन ग्रोवर ने कहा कि महासभा संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखती है। इसी के तहत संगठन ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आपत्ति तथा मांग को सरकार और संवैधानिक पदों तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन प्रेषित किया है।



महासभा ने मांग की कि समाज के किसी भी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा के इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए। संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से पूरे मामले का संज्ञान लेकर तथ्यों की जांच कराने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की।


महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में आपसी सम्मान और सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को भी अपने वक्तव्यों में ऐसी भाषा से बचना चाहिए, जिससे किसी समाज या समुदाय की भावनाएं आहत होने की आशंका हो।
ज्ञापन देने वालों में महामंत्री हरीश बत्रा, अनिल बत्रा, करनैल सिंह खिंडा, हरभजन सिंह खिंडा, सुमित गुंबर, विजय अरोड़ा, मनोज बाधवा, मंगतराम अरोड़ा, सुनील बत्रा, दलबीर सिंह सोहल, सोनिया सुनेजा, आरती डाबर, दीप्ति ग्रोवर, चर्चा बत्रा और सीमा बत्रा समेत महासभा के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

