कब्रिस्तान की भूमि पर कथित निजी सड़क निर्माण को लेकर हंगामा

कब्रिस्तान की भूमि पर कथित निजी सड़क निर्माण को लेकर हंगामा

स्थान : हरिद्वार
रिपोर्टर : धर्मराज

कनखल थाना क्षेत्र के जगजीतपुर में कब्रिस्तान की भूमि पर कथित रूप से निजी सड़क बनाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। निर्माण कार्य के लिए नगर निगम का बुलडोजर मौके पर पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण एकत्र हो गए और मशीन को रोककर निर्माण कार्य का विरोध किया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक गैर सरकारी अस्पताल के संचालक की ओर से कथित तौर पर कब्रिस्तान की भूमि से सड़क निकालकर उसे मुख्य मार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित भूमि लंबे समय से सलमानी समाज के कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल होती आ रही है।

मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने नगर निगम की मशीनरी के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि रविवार को सरकारी अवकाश होने के बावजूद नगर निगम का बुलडोजर वहां किसके आदेश पर और किस कार्य के लिए पहुंचा, इसकी जांच होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि सड़क किसी निजी संस्थान अथवा व्यक्ति के उपयोग के लिए बनाई जा रही है तो सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने नगर निगम और प्रशासन से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

विरोध कर रहे ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय में मामले विचाराधीन हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों में भी कई ग्रामीणों के नाम दर्ज हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों के अभिलेखों की जांच के बाद ही हो सकेगी।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब भूमि के स्वामित्व और उपयोग को लेकर न्यायालयीन विवाद होने का दावा किया जा रहा है तो वहां निर्माण कार्य किस आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने किसी भी तरह का निर्माण शुरू करने से पहले भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

विरोध के दौरान ग्रामीणों ने मौके पर निर्माण कार्य रुकवा दिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से भूमि के अभिलेखों की जांच कराई जाए और न्यायालय में लंबित बताए जा रहे मामलों की मौजूदा स्थिति भी स्पष्ट की जाए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी प्रकार का सड़क निर्माण अथवा अन्य कार्य नहीं कराया जाए। साथ ही नगर निगम की मशीन मौके पर भेजने के आदेश और उसके उद्देश्य की भी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के बाद सड़क निर्माण को लेकर विवाद चर्चा में आ गया है। मामले में नगर निगम, प्रशासन और संबंधित अस्पताल प्रबंधन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है। भूमि के स्वामित्व, न्यायालयीन स्थिति और सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।