
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में शहीदों की स्मृति में बनाए जा रहे सैन्य धाम को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर प्रदेश सरकार और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल राम रतन नेगी ने निर्माण में कथित देरी और परियोजना की बढ़ी लागत को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।


कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि सैन्य धाम का निर्माण वर्ष 2021 में शुरू किया गया था और इसे दो साल के भीतर पूरा किए जाने की बात थी। इसके बावजूद अभी तक सैन्य धाम का लोकार्पण नहीं होने पर उन्होंने निर्माण की समय सीमा और कार्य की प्रगति को लेकर सवाल उठाए हैं।



उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि सैन्य धाम के निर्माण में किस स्तर पर देरी हुई और निर्धारित समय सीमा क्यों बढ़ानी पड़ी। यदि इसके पीछे किसी अधिकारी या विभाग की लापरवाही रही है तो जिम्मेदारी तय कर क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।



कांग्रेस नेता ने परियोजना की लागत को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका दावा है कि सैन्य धाम की शुरुआती लागत करीब 48 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 99 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। उन्होंने सरकार से इस बढ़ोतरी के कारणों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है।


कर्नल नेगी ने कहा कि सैन्य धाम के निर्माण की मूल स्वीकृति, संशोधित लागत, बजट, कार्य की समय सीमा और उसके विस्तार से संबंधित सभी दस्तावेज जनता के सामने रखे जाने चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि परियोजना की लागत किन कारणों से बढ़ी और निर्माण में देरी क्यों हुई।

उन्होंने कहा कि सैन्य धाम वीर सैनिकों और शहीदों के सम्मान से जुड़ा स्मारक है तथा इसके निर्माण में जनता का पैसा खर्च हो रहा है। ऐसे में परियोजना से संबंधित वित्तीय और निर्माण संबंधी जानकारी जानने का अधिकार जनता को है और सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।



कर्नल राम रतन नेगी ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के हालिया बयान को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सैनिकों के सम्मान के प्रतीक सैन्य धाम को राजनीतिक लाभ से जोड़ना उचित नहीं है। सैन्य धाम को दलगत राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।

उन्होंने मंत्री के कथित बयान को निंदनीय बताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। नेगी ने कहा कि सैनिकों और शहीदों के सम्मान से जुड़े विषयों पर राजनीति के बजाय उनके योगदान और बलिदान को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।
कांग्रेस ने अब सैन्य धाम के निर्माण की समय सीमा, लागत में कथित बढ़ोतरी और परियोजना से जुड़े दस्तावेजों को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि सैन्य धाम जैसे महत्वपूर्ण स्मारक से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। फिलहाल इन आरोपों पर सरकार और सैनिक कल्याण मंत्री का पक्ष सामने आना बाकी है।

