विकास के दावों के बीच चकरपुर की बस्ती बदहाल, कीचड़ भरे रास्तों से गुजरने को मजबूर ग्रामीण

विकास के दावों के बीच चकरपुर की बस्ती बदहाल, कीचड़ भरे रास्तों से गुजरने को मजबूर ग्रामीण

स्थान : बाज़पुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

विकास के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार के सामने ग्राम चकरपुर के समीप की यह बस्ती जमीनी हकीकत का आईना दिखा रही है। बस्ती के लोग अब भी कीचड़ भरे और बदहाल रास्तों से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में यहां की समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

बस्ती में सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और खराब रास्तों के चलते लोगों के लिए पैदल चलना भी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से वह बेहतर रास्ते की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। खराब रास्ते के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। कई बार अभिभावकों को बच्चों को कमर और कंधे पर बैठाकर कीचड़ भरे रास्ते को पार कराना पड़ता है।

बीमार बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी भी कम नहीं है। जरूरत पड़ने पर उन्हें इसी बदहाल रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है।

पूरी बस्ती में जगह-जगह बदहाली नजर आती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां न तो चलने के लिए पक्की सड़क है और न ही बारिश के दौरान आवागमन के लिए उचित व्यवस्था। ऐसे में ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

बस्ती में विद्युत पोल तो लगाए गए हैं, लेकिन कई जगह इन पर स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय अंधेरे के कारण रास्ते से गुजरना और भी मुश्किल हो जाता है। सड़क के साथ-साथ रोशनी की व्यवस्था की भी मांग की जा रही है।

ग्रामीणों में स्थानीय विधायक के प्रति भी नाराजगी देखने को मिली। बस्तीवासियों का आरोप है कि उनकी समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि विकास की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें मूलभूत सुविधाओं का इंतजार है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि बस्ती में जल्द से जल्द पक्की सड़क और जल निकासी की व्यवस्था की जाए। साथ ही विद्युत पोलों पर स्ट्रीट लाइट लगाकर रात के समय आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि बस्ती की बदहाल तस्वीर सामने आने के बाद जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी कब तक ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करते हैं। फिलहाल चकरपुर के समीप की यह बस्ती विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत की एक अलग तस्वीर पेश कर रही है।