बारिश में भी डटे किसान, गन्ना भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बारिश में भी डटे किसान, गन्ना भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

तहसील परिसर में उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में किसान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

धरने को संबोधित करते हुए उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि किसान अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और किसान पीछे नहीं हटेंगे।

गुलशन रोड ने कहा कि आंदोलन के तीसरे दिन धरनास्थल पर किसानों की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन लगातार आवाज उठाता रहेगा।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से भुगतान को लेकर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।

किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को गन्ना भुगतान में हो रही देरी का जवाब देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा और किसान किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।

धरने के दौरान किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने का भी जोरदार विरोध किया। किसानों ने कहा कि किसी भी सूरत में स्मार्ट मीटर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।

इसके अलावा किसानों ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसानों के ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त करने की मांग उठाई। किसान नेताओं ने कहा कि खेती की बढ़ती लागत के बीच बिजली का खर्च किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है, इसलिए ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त की जानी चाहिए।

किसानों ने हरिद्वार जिले के लोगों को मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने और आगामी गन्ना सीजन के लिए गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की भी मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से उठाई जा रही हैं, लेकिन अभी तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बारिश के बीच दूसरे दिन भी जारी धरने से किसानों ने संकेत दिया कि मांगों के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।