स्थान : सितारगंज
रिपोर्टर : तनवीर अंसारी


सितारगंज में 12 वफात को लेकर व्यापारियों और विभिन्न धर्मों की धार्मिक कमेटियों के पदाधिकारियों ने प्रशासन से पुरानी परंपराओं के अनुसार धार्मिक आयोजन कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में दर्जनों व्यापारी और सर्वधर्म कमेटियों से जुड़े लोग तहसील पहुंचे।


व्यापार मंडल अध्यक्ष उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने एसडीएम के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार हिमांशु जोशी को सौंपा। इस दौरान व्यापारियों और धार्मिक कमेटियों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांग प्रशासन के सामने रखी।



व्यापार मंडल अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा कि सितारगंज हमेशा से भाईचारे और एकता की मिसाल रहा है। यहां सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द के साथ धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में हिस्सा लेते हैं।


उमेश अग्रवाल ने 12 वफात को लेकर कहा कि शहर में की जा रही लाइटिंग से किसी भी व्यापारी को कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि सितारगंज में सर्व समाज की पुरानी प्रथा और परंपरा के अनुसार ही धार्मिक आयोजन किए जाने चाहिए।


व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष दीपेंद्र सिंघल ने कहा कि वर्षों से चली आ रही परंपराओं को खत्म नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि 12 वफात के कार्यक्रम भी पुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार ही आयोजित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि सितारगंज में सभी समुदाय लंबे समय से आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं। धार्मिक आयोजनों को लेकर भी शहर में हमेशा सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का प्रयास किया जाता रहा है।




ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधियों ने प्रशासन से अपील की कि धार्मिक आयोजनों को लेकर स्थानीय परंपराओं और सर्व समाज की भावनाओं का ध्यान रखा जाए। उनका कहना था कि किसी भी आयोजन से शहर की एकता और भाईचारे पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
इस दौरान नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष रहे सरफराज अहमद उर्फ राजू भी मौजूद रहे। इसके अलावा ब्लड डोनेट कैंप के संस्थापक इश्तियाक अंसारी समेत विभिन्न धार्मिक कमेटियों से जुड़े पदाधिकारी और सदस्य भी तहसील पहुंचे।

व्यापारियों और सर्वधर्म कमेटियों के लोगों ने प्रशासन से मांग की कि 12 वफात के कार्यक्रमों को लेकर पुरानी व्यवस्था और परंपराओं को कायम रखा जाए। उन्होंने कहा कि सितारगंज की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता से है, जिसे हर हाल में बनाए रखा जाना चाहिए।

