वर्ग-4 की भूमि को भूमिधरी में बदलने की घोषणा पर किसान यूनियन ने जताया आभार

वर्ग-4 की भूमि को भूमिधरी में बदलने की घोषणा पर किसान यूनियन ने जताया आभार

स्थान : गदरपुर (ऊधम सिंह नगर)
ब्यूरो रिपोर्ट

रविवार को गुरुद्वारा परिसर में भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी ने मुख्यमंत्री की ओर से वर्ग-4 की भूमि को भूमिधरी में तब्दील किए जाने की घोषणा का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया।

सलविंदर सिंह कलसी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिन किसानों के पास वर्ग-4 की भूमि है और उस भूमि को 30 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उसे भूमिधरी में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए महत्वपूर्ण फैसला है और लंबे समय से इस मांग को उठाया जा रहा था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार के दौरान भी इस संबंध में निर्णय लिया गया था। हालांकि, इसके बाद भाजपा सरकार आने पर यह प्रक्रिया बंद कर दी गई थी, जिससे बड़ी संख्या में किसान अपनी भूमि के अधिकार को लेकर परेशान रहे।

कलसी ने कहा कि गदरपुर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक की ओर से इस मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था। मुख्यमंत्री ने किसानों की मांग पर तत्काल संज्ञान लेते हुए घोषणा की कि 15 दिन के भीतर शासनादेश जारी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शासनादेश जारी होने के बाद 30 वर्ष पूरे कर चुकी वर्ग-4 की भूमि को निर्धारित धनराशि लेकर भूमिधरी में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यूनियन मुख्यमंत्री से उम्मीद करती है कि भूमिधरी अधिकार देने के लिए किसानों से ली जाने वाली धनराशि बेहद कम रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से किसानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ना चाहिए और सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान किसान यूनियन ने किसानों की एक अन्य प्रमुख मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी। सलविंदर सिंह कलसी ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए बिजली किसानों की खेती से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकार यदि किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराती है तो इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।

भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक ने मुख्यमंत्री की वर्ग-4 की भूमि को भूमिधरी में बदलने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि अब संगठन शासनादेश जारी होने का इंतजार करेगा। यूनियन ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द निर्णय को अमलीजामा पहनाएगी और किसानों की सिंचाई से जुड़ी मांग पर भी सकारात्मक कार्रवाई करेगी।