रानीबाग मंदिर भूमि संरक्षण को लेकर 9 अगस्त को ‘पहाड़ी स्वाभिमान रैली’, आयोजकों ने किया बड़ा ऐलान

रानीबाग मंदिर भूमि संरक्षण को लेकर 9 अगस्त को ‘पहाड़ी स्वाभिमान रैली’, आयोजकों ने किया बड़ा ऐलान

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्टर

रानीबाग स्थित मंदिर भूमि के संरक्षण और कथित अतिक्रमण के विरोध में 9 अगस्त को हल्द्वानी में “पहाड़ी स्वाभिमान रैली” आयोजित की जाएगी। इसकी घोषणा पहाड़ी आर्मी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान की। आयोजकों ने दावा किया कि यह केवल स्थानीय विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए व्यापक जनआंदोलन का रूप ले रहा है।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि रैली का आयोजन कुमाऊँनी-गढ़वाली समाज, समस्त उत्तराखंडी समाज, कत्यूरी संगठन और पहाड़ी आर्मी के संयुक्त बैनर तले किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार कुमाऊँ और गढ़वाल मंडल के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोगों के रैली में शामिल होने की संभावना है। उनका कहना है कि युवा, महिलाएं, पूर्व सैनिक, सामाजिक संगठन, बुद्धिजीवी और विभिन्न धार्मिक परंपराओं से जुड़े संत-महात्मा भी इसमें भाग ले सकते हैं।

आयोजकों ने कहा कि रानीबाग क्षेत्र कुमाऊँ की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां स्थित प्राचीन मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इस धरोहर का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियां अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत से वंचित हो सकती हैं।

पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत ने आरोप लगाया कि रानीबाग क्षेत्र में मंदिर भूमि पर कथित अवैध कब्जों, अतिक्रमण और अवैध निर्माण के प्रयासों को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण पर भी अतिक्रमणकारियों से कथित मिलीभगत का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मंदिर समिति से जुड़े रमेश मनराल और चंदन मनराल ने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो 9 अगस्त की रैली के बाद आंदोलन को पूरे उत्तराखंड में व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं आंदोलन से जुड़ी सीता रावत और प्रेमा मेर ने दावा किया कि विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग इस रैली में शामिल होंगे, जिससे यह प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है।

आयोजकों ने सरकार के समक्ष कई मांगें भी रखीं। इनमें रानीबाग मंदिर भूमि पर कथित अवैध कब्जों और अतिक्रमण की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, चेतेश्वर धाम, चित्रशिला घाट, गंगा-गार्गी रानीबाग क्षेत्र का मानसखंड मंदिर माला योजना के तहत विकास, श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार करने की मांग शामिल है।

प्रेस वार्ता में चंदन सिंह मनराल, राजेंद्र सिंह मनराल, हरीश रावत, रमेश मनराल, सीता रावत, अंजू पांडे, टी.एस. भाकुनी, रमेश सिंह खाती और कविता जीना सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अब 9 अगस्त को प्रस्तावित “पहाड़ी स्वाभिमान रैली” पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि आयोजकों के दावों के अनुरूप बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं, तो यह हाल के वर्षों में उत्तराखंड के प्रमुख जनआंदोलनों में से एक बन सकता है।