स्थान : मंगलौर
ब्यूरो रिपोर्टर

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मंगलौर में राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। वार्ड नंबर-5 के बूथ नंबर-1 के कई मतदाताओं की वोट पर दर्ज आपत्तियों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन और नगर पालिका अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे एसआईआर प्रक्रिया पर लगातार ऑनलाइन निगरानी रख रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न हो। उन्होंने दावा किया कि इसी निगरानी के दौरान कई मतदाताओं की वोट पर दर्ज आपत्तियों का मामला सामने आया।



जनप्रतिनिधियों ने मीडिया के सामने उन मतदाताओं को भी प्रस्तुत किया, जिनकी वोट पर आपत्ति दर्ज की गई है। उनका कहना है कि संबंधित मतदाता वर्षों से अपने पते पर निवास कर रहे हैं और उनकी पात्रता पर इस प्रकार सवाल उठाया जाना चिंता का विषय है।

विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि निर्धारित नियमों के अनुसार एक बीएलओ लेवल-2 अधिकारी एक दिन में सीमित संख्या में ही आपत्तियां दर्ज कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि एक ही व्यक्ति द्वारा 29 आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। साथ ही जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनके घर-घर जाकर अधिकारियों द्वारा सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

विधायक ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज की हैं, उसकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।



चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उठे इस विवाद ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और निष्पक्ष जांच के जरिए मतदाताओं का भरोसा कैसे कायम रखते हैं।

