पंचक समाप्त होते ही बढ़ी कांवड़ियों की भीड़, रुड़की से नारसन बॉर्डर तक शिवभक्तों का सैलाब

पंचक समाप्त होते ही बढ़ी कांवड़ियों की भीड़, रुड़की से नारसन बॉर्डर तक शिवभक्तों का सैलाब

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्टर

पंचक समाप्त होने के साथ ही हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले शिवभक्तों की संख्या में भारी इज़ाफा हो गया है। रुड़की से लेकर नारसन बॉर्डर तक कांवड़ियों का लगातार तांता लगा हुआ है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है।

हरिद्वार से जल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट रहे लाखों शिवभक्त रुड़की और नारसन मार्ग से होकर गुजर रहे हैं। पूरे कांवड़ मार्ग पर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से वातावरण पूरी तरह शिवमय और भक्तिमय बना हुआ है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस लगातार कांवड़ मार्ग पर गश्त कर रही है। संवेदनशील स्थानों और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और यात्रा सुरक्षित बनी रहे।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। कांवड़ मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन भी दे रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने, यातायात नियमों का सम्मान करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की है। साथ ही आम नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

श्रावण मास की आस्था और उत्साह के बीच रुड़की से नारसन बॉर्डर तक कांवड़ियों का सैलाब लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन सेवा तथा सुरक्षा दोनों मोर्चों पर पूरी मुस्तैदी के साथ डटे हुए हैं, जिससे शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी हुई है।