

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : संजय जोशी

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सोमवार को सर्किट हाउस, काठगोदाम में उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (यूयूएसडीए) द्वारा कुमाऊं क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में चल रहे विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि आम जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।


बैठक के दौरान मंत्री ने वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान अधूरे सड़क निर्माण से लोगों को भारी परेशानी होती है, इसलिए सभी संबंधित एजेंसियां तेजी से कार्य पूरा करें। साथ ही सड़क निर्माण से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।



उन्होंने नैनीताल, हल्द्वानी, टनकपुर, किच्छा सहित अन्य शहरी क्षेत्रों में चल रही सीवर लाइन, पेयजल, सड़क निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की। मंत्री ने कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।


मंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी), केएफडब्ल्यू (जर्मन बैंक) तथा यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) के सहयोग से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि ईआईबी की सहायता से पिथौरागढ़, सितारगंज, रुद्रपुर और काशीपुर में विभिन्न निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनसे लगभग छह से सात लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि केएफडब्ल्यू के सहयोग से ऋषिकेश में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही 24 इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था का कार्य भी किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से शहरी परिवहन और आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।


कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी विकास परियोजनाओं का शीघ्र लोकार्पण कराया जाए, ताकि जनता को उनका लाभ बिना देरी के मिल सके। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। बैठक में परियोजना निदेशक विनय मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में बनाए रखने के लिए विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने “पेड़ बचाओ अभियान” के तहत संतुलित एवं पर्यावरण अनुकूल विकास को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य की योजनाओं में हरित विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

