

स्थान : सितारगंज
ब्यूरो रिपोर्ट

ऊधम सिंह नगर के सितारगंज तहसील परिसर में विजिलेंस द्वारा दो तहसील कर्मियों को कथित रिश्वत मामले में पकड़ने के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में दिनभर हंगामे का माहौल रहा और प्रशासनिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।


जानकारी के अनुसार विजिलेंस टीम ने बुधवार को तहसील के संग्रह कक्ष में कार्रवाई करते हुए संग्रह अमीन मदन शर्मा और बड़े बाबू उपेंद्र राणा को कथित तौर पर ₹16 हजार की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम तहसील भवन की दूसरी मंजिल पर मौजूद थी।



घटनाक्रम के दौरान तहसील कर्मियों द्वारा मुख्य प्रवेश द्वार पर ताले लगाए जाने की सूचना है। इसके चलते विजिलेंस टीम लंबे समय तक तहसील परिसर के भीतर ही रही। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और तहसील परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।


सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने कई बार बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया, लेकिन देर तक कोई समाधान नहीं निकल सका। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से राजस्व कर्मचारी भी सितारगंज तहसील पहुंचने लगे, जिससे परिसर में भीड़ बढ़ गई।

तहसील प्रशासन का कहना है कि विजिलेंस की कार्रवाई तथ्यों के अनुरूप नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दूसरी ओर विजिलेंस का दावा है कि शिकायत के सत्यापन और आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर ट्रैप की कार्रवाई की गई है। मामले में जांच और वैधानिक प्रक्रिया जारी है।


फिलहाल तहसील परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। मामले को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



