

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्षों ने राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने घोषणा की कि 27 जुलाई को कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रभाग और अल्पसंख्यक समाज के लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।


कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप था कि दलित समाज से जुड़े पीड़ितों को न्याय दिलाने में प्रशासन अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है।



उन्होंने कहा कि कानून के क्रियान्वयन में दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, जब एससी-एसटी समुदाय से जुड़ा कोई व्यक्ति किसी अपराध का आरोपी होता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब इसी समुदाय का कोई व्यक्ति अपराध का शिकार होता है तो आरोपियों के खिलाफ उतनी प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने सरकार से कानून का निष्पक्ष और समान रूप से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।

वहीं कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुलेमान अंसारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्थिति को लेकर अभिभावकों में चिंता का माहौल है और वे अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
सुलेमान अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार समाज में भेदभाव की राजनीति कर रही है, जिससे विभिन्न वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय, समान अवसर और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और इन विषयों पर संघर्ष जारी रखेगी।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 27 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रस्तावित प्रदर्शन के माध्यम से अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक समाज से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।



