सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों का धरना, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों का धरना, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

पतलोट–कौडा़र–पश्यां मोटर मार्ग के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और खराब गुणवत्ता के विरोध में ग्राम पश्यां में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और शीघ्र सुधार की मांग की।

धरना-प्रदर्शन में ग्राम प्रधान कौडा़र सतीश फुलारा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पश्यां तथा क्षेत्र के अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता में तत्काल सुधार करने और गांव स्थित देवी मंदिर की सुरक्षा दीवार का निर्माण शीघ्र कराने की मांग उठाई।

ग्रामीणों का आरोप है कि मोटर मार्ग निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में सड़क को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।

धरने को संबोधित करते हुए राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की।

हरीश पनेरु ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर संबंधित विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

धरना-प्रदर्शन में हरीश कुडा़ई, भुवन कुडा़ई, हेमा देवी, भगवती देवी, खिमानंद कुडा़ई, हीरा बल्लभ फुलारा, दुर्गादत्त पोखरिया, पूरन फुलारा, जगदीश फुलारा, खिमेश बिष्ट, हिमांशु नेगी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे और सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई।