बाइक चोरी के मामले में रामनगर कोतवाली की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पीड़ित ने सीएम पोर्टल पर लगाई गुहार

बाइक चोरी के मामले में रामनगर कोतवाली की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पीड़ित ने सीएम पोर्टल पर लगाई गुहार

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर कोतवाली की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बाइक चोरी के एक मामले में पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने न तो उसकी तहरीर की रिसीविंग दी और न ही समय पर कोई कार्रवाई की। लगातार कई दिनों तक कोतवाली के चक्कर लगाने के बाद युवक ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है।

पीड़ित बिलाल के अनुसार, 14 जुलाई को उसने अपनी बाइक मंगल बाजार स्थित आरटीओ कार्यालय के सामने वाली गली में खड़ी की थी। बाजार से लौटने पर बाइक मौके से गायब मिली। काफी देर तक आसपास तलाश करने के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला तो उसने उसी दिन रामनगर कोतवाली पहुंचकर बाइक चोरी की सूचना पुलिस को दी और तहरीर सौंपी।

बिलाल का आरोप है कि अगले दिन जब वह शिकायत की प्रगति और तहरीर की रिसीविंग लेने कोतवाली पहुंचा तो उसे पहले उस चीता पुलिसकर्मी को बुलाने के लिए कहा गया, जिसने उसकी तहरीर ली थी। संबंधित पुलिसकर्मी के नहीं मिलने पर उसने कार्यालय में मौजूद महिला अधिकारी से संपर्क किया, जहां से उसे कोतवाल से मिलने की सलाह दी गई। बाद में एक अन्य पुलिस अधिकारी ने मेहबूब नामक पुलिसकर्मी के आने का इंतजार करने को कहा। युवक का आरोप है कि इसके बावजूद उसे न तो रिसीविंग दी गई और न ही मामले की कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई गई।

पीड़ित का कहना है कि कई दिनों तक कोतवाली के चक्कर लगाने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। अंततः उसने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल (सीएम पोर्टल) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उसे उम्मीद है कि पोर्टल के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच होगी और उसकी चोरी हुई बाइक की तलाश शुरू की जाएगी।

यदि पीड़ित के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पुलिस व्यवस्था और शिकायत निस्तारण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चोरी जैसे मामलों में शिकायतकर्ता को तहरीर की रिसीविंग तक न मिलना आम लोगों के पुलिस व्यवस्था पर विश्वास को प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई और पारदर्शिता को आवश्यक माना जाता है।

वहीं, इस मामले में रामनगर कोतवाल सुशील कुमार ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने बताया कि पीड़ित की तहरीर तत्काल प्राप्त कर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा मामले की जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे।