पथरेश्वर महादेव मंदिर के पास दो साधुओं के शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका में जांच तेज

पथरेश्वर महादेव मंदिर के पास दो साधुओं के शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका में जांच तेज

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर परिसर के समीप दो साधुओं के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों शव जंगल क्षेत्र में मिट्टी के नीचे दबे मिले, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बाहर निकलवाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई।

पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। शवों की बरामदगी की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं ताकि घटना की सच्चाई सामने लाई जा सके।

घटना की जानकारी मिलते ही एसपी देहात शेखर सुयाल भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

जांच के दौरान पुलिस की नजर मंदिर से जुड़े लोगों पर भी है। प्रारंभिक जांच में मंदिर के मुख्य पुजारी सहित कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका पर संदेह जताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कई अहम नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों और घटना के समय को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पुलिस की टीमें संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं और आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ भी की जा रही है। इसके अलावा स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े व्यक्तियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि घटना से जुड़े हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।

इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा करने के लिए सभी उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।