

स्थान : हरिद्वार
रिपोर्टर : धर्मराज

हरिद्वार पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते से लगभग 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, एक प्लॉट की रजिस्ट्री, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, बैंक का डेबिट कार्ड और एक स्कूटी बरामद की है।


पुलिस के अनुसार, पिछले वर्ष अक्टूबर में पुराना रानीपुर मोड़ स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा के प्रबंधक अपूर्व दुबे ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बैंक की एक ग्राहक खाते से एक महीने के भीतर करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुई हैं।



जांच के दौरान बैंक खाते के वास्तविक धारक ने बेंगलुरु शाखा के माध्यम से जानकारी दी कि उसके खाते से हुई निकासी उसकी जानकारी या अनुमति के बिना की गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी।

पुलिस टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान की। इन नंबरों की लोकेशन के आधार पर लगातार निगरानी और विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई। बीते शनिवार को भगवानपुर, सिसौना और रायपुर क्षेत्रों में भी छापेमारी की गई।
कार्रवाई के दौरान मंडावर के पास हाईवे से करीब 150 मीटर अंदर खेत में एक नीली स्कूटी पर मौजूद तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और तलाशी के बाद उनकी पहचान संगीता देवी, रीनू उर्फ सोनू कुमार और अपेन्दर कुमार सहगल के रूप में हुई।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, कुछ आधार कार्ड, आईसीआईसीआई बैंक का एक डेबिट कार्ड, एक स्कूटी तथा एक प्लॉट की रजिस्ट्री बरामद की। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां सामने आई हैं।


पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित धोखाधड़ी में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क भी शामिल था या नहीं।

