कांवड़ यात्रा में भोजन की पारदर्शिता जरूरी, उपद्रवियों पर हो सख्त कार्रवाई : करौली शंकर महादेव

कांवड़ यात्रा में भोजन की पारदर्शिता जरूरी, उपद्रवियों पर हो सख्त कार्रवाई : करौली शंकर महादेव

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

कांवड़ यात्रा को लेकर महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास सर्वोपरि हैं। ऐसे में खानपान की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी श्रद्धालु की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

महामंडलेश्वर ने कहा कि श्रद्धालुओं को जहां भी भोजन करना हो, उससे पहले पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। उनका मानना है कि जागरूकता और सतर्कता से किसी भी प्रकार के भ्रम या विवाद की स्थिति से बचा जा सकता है और यात्रा का वातावरण सौहार्दपूर्ण बना रहेगा।

उन्होंने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार द्वारा भोजनालयों पर पहचान संबंधी बोर्ड लगाने जैसे कदमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को अपनी इच्छा और विश्वास के अनुरूप भोजन का चयन करने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का सभी स्थानों पर प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

करौली शंकर महादेव ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों का समान रूप से पालन कराने से पारदर्शिता बनी रहेगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल सरकार और प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि श्रद्धालुओं की भी जिम्मेदारी है कि वे भोजन ग्रहण करने से पहले आवश्यक जानकारी प्राप्त करें। जागरूकता ही सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी है।

महामंडलेश्वर ने कांवड़ यात्रा के दौरान माहौल बिगाड़ने वाले, नशाखोरी करने वाले और शरारती तत्वों पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के कारण यात्रा की पवित्रता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, इसलिए प्रशासन को उनके खिलाफ बिना किसी नरमी के कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार तैयारियों और बैठकों में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सभी श्रद्धालु नियमों का पालन करें और प्रशासन भी उपद्रवियों के खिलाफ सख्ती बरते, तो कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न होगी।