

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

भारत-नेपाल सीमा से तस्करी के दौरान जब्त किए गए भारी मात्रा में काजू और अखरोट का गुरुवार को प्रशासन की मौजूदगी में नियमानुसार निस्तारण कर दिया गया। खटीमा तहसील परिसर में गड्ढा खोदकर करीब 25 क्विंटल जब्त माल को मिट्टी में दबाया गया। पूरी कार्रवाई प्रशासन और सीमा शुल्क विभाग की निगरानी में संपन्न हुई।


कुछ दिन पहले भारत-नेपाल सीमा के मेलाघाट ऑफ-रूट क्षेत्र में सीमा शुल्क विभाग की सीएमपीयू खटीमा टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी के लिए ले जाए जा रहे 2,460 किलोग्राम काजू गिरी और 60 किलोग्राम अखरोट बरामद किए थे। इस कार्रवाई से तस्करों की बड़ी खेप पकड़ी गई थी।



यह कार्रवाई निरीक्षक आकाश दीक्षित और हेड हवलदार मंजुल कुमार दुबे के नेतृत्व में की गई थी। सीमा शुल्क विभाग की टीम ने सतर्कता दिखाते हुए तस्करी की इस खेप को समय रहते पकड़ लिया, जिससे तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर गया।


गुरुवार को जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जब्त किए गए काजू और अखरोट का निस्तारण किया गया। तहसीलदार वीरेंद्र सजवान की मौजूदगी में नगर पालिका की जेसीबी से गड्ढा खोदा गया और पूरे जब्त माल को मिट्टी में दबाकर नष्ट कर दिया गया।

कार्रवाई के दौरान सीमा शुल्क विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। पूरे निस्तारण की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरा किया गया, ताकि जब्त सामग्री का सुरक्षित और विधिसम्मत तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जा सके।


इस अवसर पर सहायक आयुक्त प्रवीण भूषण, सहायक निदेशक डॉ. मुकेश बाबू, अधीक्षक रजोष शर्मा, निरीक्षक आकाश दीक्षित, हेड हवलदार मंजुल कुमार दुबे, सीएमपीयू खटीमा मंडल बरेली की टीम, चालक अमर सिंह तथा तहसील प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।



तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा से तस्करी कर लाए जा रहे काजू और अखरोट को जिलाधिकारी के निर्देशानुसार नियमानुसार नष्ट किया गया है। वहीं सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने कहा कि तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
सीमा शुल्क विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की तस्करी या तस्करों का सहयोग न करें। विभाग ने कहा कि तस्करी देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि तस्करी के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

