झबरेड़ा में रोजगार मेला निरस्त होने पर सियासत तेज, विधायक ने लगाए राजनीतिक मंशा के आरोप

झबरेड़ा में रोजगार मेला निरस्त होने पर सियासत तेज, विधायक ने लगाए राजनीतिक मंशा के आरोप

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की झबरेड़ा क्षेत्र में शुक्रवार को प्रस्तावित रोजगार मेले को अंतिम समय में निरस्त किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। रोजगार मेले के रद्द होने पर स्थानीय विधायक वीरेंद्र जाति ने इसे युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

विधायक वीरेंद्र जाति ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोजगार मेले का आयोजन किया जाना था। इसके लिए शासन और प्रशासन से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त हो चुकी थी तथा आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।

उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की संभावना थी। आयोजन के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित कर दी गई थीं।

विधायक का आरोप है कि ऐन वक्त पर मौसम का हवाला देकर रोजगार मेले को निरस्त कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि मौसम ही कारण था तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी, ताकि युवाओं और आयोजकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़ता।

वीरेंद्र जाति ने कहा कि रोजगार मेले को रद्द करने के पीछे वास्तविक कारण मौसम नहीं, बल्कि राजनीतिक मंशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाले इस कार्यक्रम को जानबूझकर प्रभावित किया गया है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के हजारों युवाओं को इस रोजगार मेले से उम्मीदें थीं, लेकिन कार्यक्रम निरस्त होने से उन्हें निराशा हाथ लगी है। विधायक ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी उठाई।

विधायक ने प्रशासन से रोजगार मेले के निरस्तीकरण के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि यदि कार्यक्रम को स्थगित किया गया है तो जल्द नई तिथि घोषित की जानी चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

रोजगार मेला निरस्त होने के बाद झबरेड़ा में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन की ओर है कि वह इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और रोजगार मेले के आयोजन को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।