उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण, ऊधम सिंह नगर में हुई व्यापक मॉक ड्रिल

उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण, ऊधम सिंह नगर में हुई व्यापक मॉक ड्रिल

स्थान : बाजपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

ऊधम सिंह नगर बरसात के मौसम में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में गुरुवार को प्रदेशभर में आपदा प्रबंधन को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों की तैयारियों का परीक्षण करना और आपसी समन्वय को मजबूत बनाना था।

जनपद ऊधम सिंह नगर में भी प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ तथा अन्य राहत एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कई स्थानों पर आपदा प्रबंधन अभ्यास किया। मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ और जलभराव जैसी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक परिस्थितियों की तरह प्रदर्शन किया गया।

अभ्यास के दौरान बहाव में फंसी एक कार और उसमें सवार लोगों को सुरक्षित निकालने का डेमो रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा आपदा के दौरान घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और राहत कार्यों को तेजी से संचालित करने का अभ्यास भी किया गया।

बाजपुर क्षेत्र में उपजिलाधिकारी अमृता शर्मा के नेतृत्व में लेवड़ा नदी के पुल में दरार आने की काल्पनिक सूचना के आधार पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और एनडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू कर दिए।

मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। एनडीआरएफ की टीम ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।

अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में संचार व्यवस्था, संसाधनों के उपयोग और राहत कार्यों की गति का भी परीक्षण किया। साथ ही विभिन्न विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, ताकि वास्तविक आपदा के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उपजिलाधिकारी अमृता शर्मा ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए नियमित अभ्यास बेहद आवश्यक है।

प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वास्तविक आपदा आने पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी और प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें तथा जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।