नैनीताल में मानसून आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल, पांच स्थानों पर परखी गई राहत-बचाव तैयारियां

नैनीताल में मानसून आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल, पांच स्थानों पर परखी गई राहत-बचाव तैयारियां

स्थान : नैनीताल
ब्यूरो रिपोर्ट

सरोवर नगरी समेत पूरे जनपद नैनीताल में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान जवानों और विभिन्न विभागों की टीमों को राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया।

नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी, बेतालघाट और लालकुआं में एक साथ पांच अलग-अलग काल्पनिक आपदा घटनाएं तैयार की गईं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) को सक्रिय कर सभी विभागीय टीमों को तत्काल मौके पर रवाना किया।

नैनीताल के मल्लीताल स्थित आलमा कॉटेज क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया। मौके पर एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान, विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी लगातार कंट्रोल रूम से पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करते रहे। रेस्क्यू टीमों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर स्टेजिंग एरिया पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पहले से की गई थी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान तीन घायलों को उपचार के लिए बी.डी. पांडे अस्पताल भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को हायर सेंटर रेफर किया गया। राहत केंद्रों में भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

इसी दौरान कालाढूंगी, बेतालघाट, हल्द्वानी और लालकुआं में भी अलग-अलग आपदा स्थितियों का अभ्यास कराया गया। कालाढूंगी में पुल क्षतिग्रस्त होने, बेतालघाट में भूस्खलन, हल्द्वानी में नदी कटाव तथा लालकुआं में बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर राहत कार्यों का परीक्षण किया गया।

प्रशासन ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की वास्तविक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, विभागीय समन्वय और जनहानि को कम करना है। सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा कर भविष्य की तैयारियों को और मजबूत किया जाएगा।