अल्मोड़ा में छह स्थानों पर मेगा मॉक ड्रिल, मानसून से पहले परखी गई आपदा तैयारियां

अल्मोड़ा में छह स्थानों पर मेगा मॉक ड्रिल, मानसून से पहले परखी गई आपदा तैयारियां

स्थान : अल्मोड़ा
रिपोर्टर : संजय जोशी

जिलाधिकारी अंशुल सिंह के निर्देशन में मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से गुरुवार को जनपद के छह विभिन्न स्थानों पर व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की कार्यक्षमता और तत्परता का परीक्षण करना था।

मॉक ड्रिल के दौरान रानीखेत की इंदिरा बस्ती में भूस्खलन, द्वाराहाट के सलना गांव में बादल फटने, सल्ट क्षेत्र में बस दुर्घटना, लमगड़ा विकासखंड के कनरा गांव में बादल फटने, जागेश्वर धाम में भीड़ प्रबंधन तथा क्वारब क्षेत्र में भूस्खलन जैसी काल्पनिक आपदा परिस्थितियां तैयार की गईं। इन सभी घटनास्थलों पर राहत एवं बचाव कार्यों का सफल अभ्यास किया गया।

अभ्यास में पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, अग्निशमन, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों और एजेंसियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। सभी विभागों ने निर्धारित मानकों के अनुरूप समन्वित तरीके से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।

मॉक ड्रिल के दौरान घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने, आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल पहुंचाने, प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित करने तथा संचार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने जैसी प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने प्रत्येक चरण का बारीकी से निरीक्षण किया।

क्वारब क्षेत्र में आयोजित मॉक ड्रिल के लिए पुलिस लाइन में स्टेजिंग एरिया बनाया गया, जहां से राहत एवं बचाव दलों, संसाधनों और आवश्यक उपकरणों का संचालन एवं समन्वय किया गया। वहीं कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपदा परिचालन केंद्र से संपूर्ण अभ्यास की लगातार निगरानी की गई।

इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) के तहत नामित अधिकारियों ने जिला आपदा परिचालन केंद्र से विभिन्न घटनास्थलों से प्राप्त सूचनाओं का आदान-प्रदान, संसाधनों का समन्वय तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े संचार तंत्र और विभागीय समन्वय की प्रभावशीलता का भी परीक्षण किया गया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभागों की तैयारियों का आकलन करना, कमियों की पहचान कर उनमें सुधार लाना तथा वास्तविक आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है। साथ ही सभी विभागों को मानसून अवधि में पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।