देर से जारी हुआ अवकाश आदेश, बारिश में भीगकर स्कूल पहुंचे बच्चे; अभिभावकों में नाराजगी

देर से जारी हुआ अवकाश आदेश, बारिश में भीगकर स्कूल पहुंचे बच्चे; अभिभावकों में नाराजगी

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

जिले में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने 2 जुलाई को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया। हालांकि, अवकाश का लिखित आदेश देर से जारी होने के कारण कई स्थानों पर बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लोहाघाट सहित जिले के कई क्षेत्रों में सुबह बच्चे रोज की तरह स्कूल के लिए घरों से निकल गए। लगातार हो रही बारिश के बीच कई छात्र-छात्राएं भीगते हुए विद्यालय पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें अवकाश घोषित होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्हें बारिश में ही वापस घर लौटना पड़ा।

अभिभावकों का कहना है कि यदि मौसम विभाग की चेतावनी के आधार पर अवकाश घोषित करना था तो इसकी सूचना समय पर जारी की जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि आदेश में हुई देरी का खामियाजा बच्चों और अभिभावकों को भुगतना पड़ा, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि पहले भी खराब मौसम के दौरान अवकाश संबंधी आदेश देर से जारी होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि समय पर सूचना जारी होने से बच्चों को बारिश और अन्य जोखिमों से बचाया जा सकता था।

इधर, चंपावत जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही प्रशासन ने मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह भी दी है।

वहीं, अवकाश आदेश में हुई देरी को लेकर अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए अवकाश संबंधी आदेश समय पर जारी किए जाएं, ताकि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके।