

ब्यूरो रिपोर्ट

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में एक बार फिर कैबिनेट फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले मंत्रिपरिषद में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


सरकारी और राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के शुरुआती दो वर्षों के कामकाज की समीक्षा के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव पर विचार कर रही है। जिन मंत्रालयों के प्रदर्शन को लेकर सुधार की आवश्यकता महसूस की गई है, वहां नए चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।


हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ की गई समीक्षा बैठकों को भी संभावित फेरबदल की प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देने के लिए मंत्रालयों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, संभावित फेरबदल का उद्देश्य सरकार और बीजेपी के नए संगठनात्मक ढांचे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी हो सकता है। इसके तहत कुछ नेताओं को सरकार से संगठन में और कुछ नेताओं को संगठन से सरकार में नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर भी विशेष जोर दिया जा सकता है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ महिलाओं, पिछड़े वर्गों और सहयोगी दलों की भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार किए जाने की चर्चा है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार कुछ वरिष्ठ मंत्रियों का कार्यभार कम करने और कई मंत्रालयों का जिम्मा संभाल रहे मंत्रियों के विभागों का पुनर्वितरण कर सकती है। इससे प्रत्येक मंत्रालय को अधिक केंद्रित नेतृत्व मिलने और कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।


संभावित नए चेहरों को लेकर कई नाम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इनमें श्रीकांत शिंदे, अनुराग ठाकुर, शक्तिकांत दास, अरुण गोविल, नीतीश कुमार और राघव चड्ढा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, कुछ रिपोर्टों में धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी के विभागों में बदलाव की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, इन सभी चर्चाओं और संभावित नामों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में कैबिनेट फेरबदल को लेकर अंतिम तस्वीर तभी साफ होगी, जब केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से औपचारिक घोषणा की जाएगी। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।

