

स्थान : किच्छा
ब्यूरो रिपोर्ट

ऊधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र स्थित खान फार्म पर कथित कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है फार्म के स्वामित्व और कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।


कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा ने नसरिन सांगा पर खान फार्म पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है सायरा वाड्रा का कहना है कि संबंधित फार्म उनकी बुआ की वसीयत के आधार पर उनके वैध अधिकार में है उनका आरोप है कि नसरिन सांगा ने फार्म पर मौजूद मजदूरों को हटाकर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया।



घटना की जानकारी मिलते ही किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ सहित कई कांग्रेस नेता मौके पर पहुंचे और सायरा वाड्रा के समर्थन में खान फार्म के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि वैध स्वामित्व होने के बावजूद सायरा वाड्रा को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

दूसरी ओर, फार्म के भीतर मौजूद नसरिन सांगा ने इन आरोपों को खारिज किया है उन्होंने सायरा वाड्रा, विधायक तिलक राज बेहड़ और अन्य कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पक्ष को भी सुना जाना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि भूमि स्वामित्व और कब्जे से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी यदि आवश्यक हुआ तो राजस्व अभिलेखों और अन्य कानूनी दस्तावेजों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी अधिकारियों ने दोनों पक्षों से कानून अपने हाथ में न लेने और न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है।


फिलहाल खान फार्म को लेकर विवाद शांत नहीं हुआ है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं मामले के राजनीतिक रूप लेने के बाद इस पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं अब सभी की निगाहें प्रशासन और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर हैं, जिससे इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

